Way2 Study Smart Official

Welcome to Way2 Study Smart Official, your ultimate destination for high-quality educational resources and exam preparation materials. Founded by Aftab Alam, a dedicated Physics expert for IIT JEE and NEET, our mission is to simplify learning and help students achieve their dream careers.We are a growing community of learners, already supported by over 3,900+ subscribers on YouTube and thousands of blog readers.We provide comprehensive support for a wide range of competitive exams.

Post Page Advertisement [Top]

"UPTET 2022 PAPER 1 Hindi Solution: 100% सटीक व्याख्या के साथ! परीक्षा से पहले इसे नहीं पढ़ा तो क्या पढ़ा?"

"UPTET 2022 Hindi Paper 1 Full Solution with 30/30 Marks Confirmed by Aftab Alam - Way2StudySmart"
UPTET-2022 PAPER 1 GENERAL HINDI SOLUTION
निर्देश

प्रश्न सं. 31 - 35 : दिये गये गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के विकल्प छाँटिए :

आदिम आर्य घुमक्कड़ ही थे। यहाँ से वहाँ वे घूमते ही रहते थे। घूमते भटकते ही वे भारत पहुँचे थे। यदि घुमक्कड़ी का बाना उन्होंने न धारण किया होता, यदि वे एक स्थान पर ही रहते, तो आज भारत में उनके वंशज न होते। भगवान बुद्ध घुमक्कड़ थे। भगवान महावीर घुमक्कड़ थे। वर्षाऋतु के कुछ महीनों को छोड़कर एक स्थान में रहना बुद्ध के वश का नहीं था। 35 वर्ष की आयु में उन्होंने बुद्धत्व प्राप्त किया। 35 वर्ष से 80 वर्ष की आयु तक जब उनकी मृत्यु हुई, 45 वर्ष तक वे निरन्तर घूमते ही रहे। अपने आप को समाज सेवा और धर्म प्रचार में लगाये रहे। अपने शिष्यों से उन्होंने कहा था "चरथ भिक्खवे चारिक" हे भिक्षुओं! घुमक्कड़ी करो यद्यपि बुद्ध कभी भारत के बाहर नहीं गये किन्तु उनके शिष्यों ने उनके वचनों को सिर आँखों पर लिया और पूर्व में जापान, उत्तर में मंगोलिया, पश्चिम में मकदूनिया और दक्षिण में बाली द्वीप तक धावा मारा। श्रवण महावीर ने स्वच्छन्द विचरण के लिए अपने वस्त्रों तक को त्याग दिया। दिशाओं को उन्होंने अपना अम्बर बना लिया, वैशाली में जन्म लिया, पावा में शरीर त्याग किया। जीवनपर्यन्त घूमते रहे। मानव के कल्याण के लिए मानवों के राह प्रदर्शन के लिये और शंकराचार्य बारह वर्ष की अवस्था में संन्यास लेकर कभी केरल, कभी मिथिला, कभी कश्मीर और कभी बदरिकाश्रम में घूमते रहे। कन्याकुमारी से लेकर हिमालय तक समस्त भारत को अपना कर्मक्षेत्र समझा। सांस्कृतिक एकता के लिए, समन्वय के लिए, श्रुति धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य के प्रयत्नों से ही वैदिक धर्म का उत्थान हो सका।

Q. 31 'घुमक्कड़' शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(1) अक्कड़ ✔ सही उत्तर
(2) कड़
(3) अङ्
(4) ड़
सही विकल्प: (1) अक्कड़
💡
सटीक व्याख्या (Analysis)

'घुमक्कड़' शब्द का निर्माण 'घूम' (धातु) और 'अक्कड़' प्रत्यय के मेल से हुआ है।

  • नियम: क्रिया के अंत में जुड़ने वाले शब्दांशों को प्रत्यय कहते हैं।
  • विशेष: 'अक्कड़' प्रत्यय के अन्य उदाहरण - भुलक्कड़, पियक्कड़।

WAY2STUDYSMARTOFFICIAL2.COM
Q. 32 महावीर स्वामी का जन्म कहाँ हुआ था?
(1) पावापुरी
(2) कुशीनगर
(3) पारसोली
(4) वैशाली ✔ सही उत्तर
सही विकल्प: (4) वैशाली
💡
सटीक व्याख्या (Best Explanation)

दिए गए गद्यांश की स्पष्ट पंक्ति के अनुसार:

  • गद्यांश उद्धरण: "श्रवण महावीर ने... वैशाली में जन्म लिया, पावा में शरीर त्याग किया।"
  • ऐतिहासिक तथ्य: महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उनका जन्म वैशाली के निकट कुण्डग्राम में हुआ था।
  • पावापुरी: यहाँ उन्होंने अपना शरीर त्याग किया था (निर्वाण प्राप्त किया था)।
Q. 33 'स्वच्छन्द' में कौन-सी सन्धि है?
(1) विसर्ग सन्धि
(2) व्यंजन सन्धि ✔ सही उत्तर
(3) गुण सन्धि
(4) दीर्घ सन्धि
सही विकल्प: (2) व्यंजन सन्धि
💡
सटीक व्याख्या (Analysis)

'स्वच्छन्द' का सही सन्धि-विच्छेद स्व + छन्द है।

  • नियम: यदि किसी ह्रस्व स्वर (Short Vowel) के बाद 'छ' वर्ण आए, तो 'छ' से पहले 'च' (च्) जुड़ जाता है।
  • उदाहरण: स्व + छन्द = स्वच्छन्द, परि + छेद = परिच्छेद।
  • चूंकि यहाँ व्यंजन वर्ण 'छ' के साथ परिवर्तन हो रहा है, इसलिए यह व्यंजन सन्धि कहलाती है।
Q. 34 महात्मा बुद्ध ने जब बुद्धत्व प्राप्त किया तब उनकी अवस्था कितनी थी ?
(1) 12 वर्ष
(2) 80 वर्ष
(3) 45 वर्ष
(4) 35 वर्ष ✔ सही उत्तर
सही विकल्प: (4) 35 वर्ष
💡
सटीक व्याख्या (Best Explanation)

गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि:

  • गद्यांश के अनुसार: "35 वर्ष की आयु में उन्होंने बुद्धत्व प्राप्त किया।"
  • अतिरिक्त जानकारी: बुद्धत्व प्राप्त करने के बाद, उन्होंने 80 वर्ष की आयु में अपनी मृत्यु तक अगले 45 वर्षों तक निरंतर धर्म का प्रचार किया।
Q. 35 "श्रुति धर्म" का क्या अर्थ है ?
(1) जैन धर्म
(2) वैदिक धर्म ✔ सही उत्तर
(3) मुस्लिम धर्म
(4) बौद्ध धर्म
सही विकल्प: (2) वैदिक धर्म
💡
सटीक व्याख्या (Best Explanation)

गद्यांश की अंतिम पंक्तियों के अनुसार:

  • गद्यांश उद्धरण: "...श्रुति धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य के प्रयत्नों से ही वैदिक धर्म का उत्थान हो सका।"
  • अर्थ: भारतीय परंपरा में वेदों को 'श्रुति' कहा जाता है। इसलिए 'श्रुति धर्म' का सीधा अर्थ वैदिक धर्म से है।
  • शंकराचार्य ने इसी वैदिक धर्म की पुनस्थापना के लिए पूरे भारत की यात्रा की थी।
Q. 36 'ङ' का उच्चारण स्थान होता है?
(1) नासिक्य ✔ सही उत्तर
(2) कण्ठ तालव्य
(3) मूर्धन्य
(4) कण्ठोष्ठ्य
सही विकल्प: (1) नासिक्य
💡
सटीक व्याख्या (Best Explanation)

वर्णों के उच्चारण स्थान के अनुसार:

  • नासिक्य व्यंजन: प्रत्येक वर्ग का पाँचवाँ वर्ण (ङ, ञ, ण, न, म) नासिक्य कहलाता है क्योंकि इनका उच्चारण नाक की सहायता से होता है।
  • ङ: यह 'क-वर्ग' का पंचम वर्ण है, इसलिए इसका उच्चारण स्थान नासिक्य है।
  • सूत्र: "य़मङणनानां नासिका च" अर्थात य़, म, ङ, ण और न का उच्चारण स्थान नासिका होता है।
Q. 37 'चार गज मलमल' में कौन-सा विशेषण है ?
(1) संख्यावाचक
(2) सार्वनामिक
(3) परिमाणबोधक ✔ सही उत्तर
(4) गुणवाचक
सही विकल्प: (3) परिमाणबोधक
💡
सटीक व्याख्या (Best Explanation)

व्याकरण के अनुसार विशेषण की पहचान इस प्रकार है:

  • परिमाणबोधक विशेषण: जहाँ किसी वस्तु की नाप, तौल या मात्रा का ज्ञान हो, उसे परिमाणबोधक विशेषण कहते हैं।
  • चार गज मलमल: यहाँ 'मलमल' की लंबाई (नाप) 'चार गज' बताई गई है। चूँकि गज एक माप की इकाई है, इसलिए यह निश्चित परिमाणबोधक विशेषण है।
  • सावधानी: यहाँ 'चार' देखकर संख्यावाचक भ्रम हो सकता है, लेकिन चूँकि मलमल को गिना नहीं बल्कि नापा जाता है, इसलिए यह परिमाणबोधक ही होगा।
Q. 38 'समास' का विलोम क्या है ?
(1) व्यास ✔ सही उत्तर
(2) साहसिक
(3) समस्या
(4) सामासिक
सही विकल्प: (1) व्यास
💡
सटीक व्याख्या (Best Explanation)

हिंदी व्याकरण में शब्दों के अर्थ और उनके विलोम इस प्रकार हैं:

  • समास: इसका अर्थ होता है 'संक्षेप' या संक्षिप्त करना।
  • व्यास: इसका अर्थ होता है 'विस्तार' या फैलाना। अतः समास का सबसे सटीक विलोम व्यास है।
  • संधि का विलोम: विग्रह या विच्छेद होता है (छात्र अक्सर इसमें भ्रमित हो जाते हैं)।
  • सामासिक: यह समास से बना विशेषण शब्द है, विलोम नहीं।
Q. 39 'सून' का तत्सम रूप क्या है ?
(1) सून
(2) शून्य ✔ सही उत्तर
(3) सूना
(4) सन्न
सही विकल्प: (2) शून्य
💡
सटीक व्याख्या (Analysis)

तत्सम और तद्भव शब्दों के नियम के अनुसार:

  • तत्सम शब्द: वे शब्द जो संस्कृत से ज्यों के त्यों हिंदी में आए हैं। 'शून्य' एक तत्सम शब्द है।
  • तद्भव शब्द: संस्कृत के वे शब्द जो समय के साथ बदलकर हिंदी में प्रयोग होते हैं। 'शून्य' का तद्भव रूप 'सून' या 'सूना' होता है।
  • पहचान: तत्सम शब्दों में अक्सर 'श' (तालव्य श) का प्रयोग होता है, जो तद्भव में 'स' (दन्त्य स) में बदल जाता है।
Q. 40 'आँख की किरकिरी होना' का अर्थ है :
(1) अप्रिय लगना ✔ सही उत्तर
(2) बहुत प्रिय होना
(3) कष्टदायक होना
(4) धोखा देना
सही विकल्प: (1) अप्रिय लगना
💡
सटीक व्याख्या (Analysis)

मुहावरे के अर्थ और प्रयोग के अनुसार:

  • अर्थ: 'आँख की किरकिरी होना' मुहावरे का सही अर्थ 'अप्रिय लगना' होता है। जब कोई व्यक्ति हमें पसंद नहीं आता या खटकता है, तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।
  • भ्रम की स्थिति: कुछ जगहों पर इसका अर्थ 'कष्टदायक होना' भी माना जाता है, लेकिन UPTET और मानक हिंदी व्याकरण में 'अप्रिय लगना' को ही प्राथमिकता दी जाती है।
  • विपरीत मुहावरा: 'आँख का तारा होना' (बहुत प्रिय होना)।
Q. 41 निम्न में से किस शब्द की वर्तनी सही है ?
(1) अनुगृहीत
(2) अनुग्रहीत
(3) अनुग्रहीत
(4) अनुगृहीत ✔ सही उत्तर
सही विकल्प: (4) अनुगृहीत
💡
व्याकरण विशेष (Quick Guide)

अनुगृहीत शब्द की शुद्धता को पहचानने का आसान तरीका:

  • ऋ की मात्रा: 'ग' के नीचे हमेशा 'ऋ' की मात्रा (ृ) आती है, 'र' (्र) नहीं।
  • बड़ी ई की मात्रा: 'ह' पर हमेशा बड़ी 'ई' (ी) की मात्रा आती है।
  • समान अशुद्धियाँ: अक्सर छात्र 'अनुग्रहित' या 'अनुग्रहीत' लिख देते हैं जो व्याकरण की दृष्टि से गलत हैं।
Q. 42 निम्नलिखित में शुद्ध शब्द है :
(1) पैद्रिक
(2) पैतृक
(3) पैतरिक
(4) पैतृक ✔ सही उत्तर
सही विकल्प: (4) पैतृक
💡
व्याकरण विश्लेषण (Deep Analysis)

'पैतृक' शब्द की शुद्धता और नियम इस प्रकार हैं:

  • रचना: यह शब्द 'पितृ' (पिता) में 'इक' प्रत्यय लगने से बना है।
  • नियम: जब 'इक' प्रत्यय जुड़ता है, तो शब्द के प्रथम स्वर में वृद्धि (जैसे 'इ' का 'ऐ') हो जाती है।
  • वर्तनी: इसमें 'त' के नीचे 'ऋ' की मात्रा (ृ) ही शुद्ध मानी जाती है।
  • प्रिंटिंग नोट: इमेज में विकल्प 2 और 4 समान दिए गए हैं, लेकिन मानक उत्तर के रूप में (4) को चिन्हित किया गया है।
Q. 43 'श' ध्वनि का उच्चारण स्थान क्या है?
(1) दन्त
(2) दन्तालु
(3) तालु ✔ सही उत्तर
(4) मूर्धा
सही विकल्प: (3) तालु
💡
उच्चारण विज्ञान (Concept Study)

हिंदी वर्णमाला में तीन 'स' ध्वनियाँ होती हैं, जिनके उच्चारण स्थान अलग-अलग हैं:

  • श (तालव्य): इसका उच्चारण तालु से होता है। (सूत्र: इचुयशानां तालु)
  • ष (मूर्धन्य): इसका उच्चारण मूर्धा से होता है। (सूत्र: ऋटुरषाणां मूर्धा)
  • स (दन्त्य): इसका उच्चारण दाँतों के पास से होता है। (सूत्र: लृतुलसानां दन्ताः)
  • विशेष: चूँकि 'श' का उच्चारण तालु से होता है, इसलिए इसे 'तालव्य श' भी कहा जाता है।
Q. 44 'अत्यंत' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है :
(1) अत्
(2) अति ✔ सही उत्तर
(3) अत्य
(4) अ
सही विकल्प: (2) अति
💡
व्याकरण विश्लेषण (Rule Analysis)

'अत्यंत' शब्द का निर्माण यण संधि के नियम से हुआ है:

  • विच्छेद: अति (उपसर्ग) + अन्त (मूल शब्द) = अत्यंत।
  • नियम: जब 'इ' के बाद कोई असमान स्वर (अ) आता है, तो 'इ' का परिवर्तन 'य्' में हो जाता है।
  • उपसर्ग: यहाँ प्रयुक्त उपसर्ग 'अति' है, जिसका अर्थ होता है - अधिक या परे।
  • समान उदाहरण: अति + अधिक = अत्यधिक, अति + आवश्यक = अत्यावश्यक।
Q. 45 'उपत्यका' का अर्थ है :
(1) सूर्य जिस पर्वत के पीछे से निकलता है
(2) पर्वत के पास की भूमि ✔ सही उत्तर
(3) पर्वत का शिखर
(4) प्राणियों के पेट का एक अंग
सही विकल्प: (2) पर्वत के पास की भूमि
💡
शब्द भंडार (Vocabulary Insights)

पर्वत से संबंधित महत्वपूर्ण शब्द जो परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं:

  • उपत्यका: पर्वत के नीचे की तलहटी या पास की समतल भूमि को 'उपत्यका' कहते हैं।
  • अधित्यका: पर्वत के ऊपर की समतल भूमि को 'अधित्यका' कहा जाता है।
  • उदयाचल: वह पर्वत जिसके पीछे से सूर्य निकलता प्रतीत होता है, उसे 'उदयाचल' कहते हैं।
  • शिखर: पर्वत के सबसे ऊपरी भाग या चोटी को शिखर कहते हैं।
Q. 46 निम्नलिखित में मौखिक अभिव्यक्ति का रूप है :
(1) शुद्ध वर्तनी
(2) आशु भाषण ✔ सही उत्तर
(3) सुलेख
(4) श्रुतलेख
सही विकल्प: (2) आशु भाषण
💡
शिक्षण शास्त्र विश्लेषण (Analysis)

भाषा कौशल के अंतर्गत अभिव्यक्ति के दो मुख्य रूप होते हैं - लिखित और मौखिक :

  • आशु भाषण (Extempore): यह मौखिक अभिव्यक्ति का एक सशक्त रूप है जिसमें वक्ता को किसी विषय पर तत्काल बोलना होता है।
  • लिखित अभिव्यक्ति: शुद्ध वर्तनी, सुलेख (सुन्दर लेख) और श्रुतलेख (सुनकर लिखना) ये सभी लेखन कौशल या लिखित अभिव्यक्ति से संबंधित हैं।
  • निष्कर्ष: चूँकि आशु भाषण में केवल बोलकर विचारों को प्रकट किया जाता है, इसलिए यह पूर्णतः मौखिक अभिव्यक्ति है।
Q. 47 हिन्दी भाषा की बोलियाँ हैं :
(1) 15
(2) 22
(3) 18 ✔ सही उत्तर
(4) 25
सही विकल्प: (3) 18
💡
महत्वपूर्ण जानकारी (Key Points)

हिन्दी भाषा के वर्गीकरण को समझना बहुत जरूरी है:

  • बोलियाँ: हिन्दी की कुल 18 बोलियाँ हैं।
  • उपभाषाएँ: हिन्दी की 5 उपभाषाएँ हैं (पश्चिमी हिन्दी, पूर्वी हिन्दी, राजस्थानी, बिहारी और पहाड़ी)।
  • संविधानिक भाषाएँ: भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ शामिल हैं (छात्र अक्सर 18 और 22 में भ्रमित हो जाते हैं)।
Q. 48 'सामाजिक' शब्द में मूल शब्द और प्रत्यय है :
(1) सामाज + इक
(2) समाज + इक ✔ सही उत्तर
(3) सा + माजिक
(4) सामा + जिक
सही विकल्प: (2) समाज + इक
💡
व्याकरण नियम (Important Rule)

जब किसी शब्द में 'इक' प्रत्यय जुड़ता है, तो शब्द के प्रथम वर्ण के स्वर में परिवर्तन (वृद्धि) हो जाता है :

  • नियम: यदि मूल शब्द का पहला वर्ण 'अ' स्वर वाला है, तो वह 'आ' में बदल जाता है।
  • विश्लेषण: समाज (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय) = सामाजिक। यहाँ 'स' का 'सा' हो गया है।
  • अन्य उदाहरण:
    • धर्म + इक = धार्मिक
    • वर्ष + इक = वार्षिक
    • प्रमाण + इक = प्रामाणिक
Q. 49 'तद्भव' पत्रिका के सम्पादक का नाम है :
(1) लीलाधर जगूड़ी
(2) अखिलेश ✔ सही उत्तर
(3) हरे प्रकाश उपाध्याय
(4) विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
सही विकल्प: (2) अखिलेश
📚
साहित्यिक विश्लेषण (Literary Facts)

'तद्भव' पत्रिका से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार हैं :

  • सम्पादक: इस प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिका के सम्पादक अखिलेश हैं।
  • स्थान: यह पत्रिका उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रकाशित होती है।
  • महत्व: यह समकालीन हिंदी साहित्य की एक अत्यंत प्रभावशाली 'अनियतकालिक' पत्रिका मानी जाती है।
  • विशेष: इसका पहला अंक मार्च 1999 में प्रकाशित हुआ था।
Q. 50 'बारह बरस लौ कूकर जीवै, अरु तेरह लौ जियै सियार' - यह पंक्ति किसकी है ?
(1) विद्यापति
(2) जगनिक ✔ सही उत्तर
(3) नरपति नाल्ह
(4) चन्दरबरदाई
सही विकल्प: (2) जगनिक
📜
साहित्यिक संदर्भ (Historical Context)

यह प्रसिद्ध पंक्ति वीरगाथा काल के कवि जगनिक की रचना से ली गई है :

  • ग्रंथ: यह पंक्तियाँ 'परमाल रासो' (जिसे आल्हा-खण्ड भी कहा जाता है) से संबंधित हैं।
  • भाव: इसमें वीरों के उत्साह को दर्शाया गया है। पूरी पंक्ति है - "बारह बरस लौ कूकर जीवै, अरु तेरह लौ जियै सियार, बरस अठारह क्षत्रिय जीवै, आगे जीवन को धिक्कार।"
  • विषय: जगनिक ने इसमें महोबा के वीर आल्हा और ऊदल की वीरता का वर्णन किया है।
Q. 51 'अकाल' का पर्यायवाची है :
(1) दुर्भिक्ष ✔ सही उत्तर
(2) अपरिहार्य
(3) अंधियारा
(4) अक्षत
सही विकल्प: (1) दुर्भिक्ष
💡
शब्द विश्लेषण (Vocabulary Analysis)

'अकाल' शब्द के अर्थ और उसके समानार्थक शब्दों को यहाँ विस्तार से समझें :

  • दुर्भिक्ष: यह अकाल का सबसे सटीक पर्यायवाची है। इसका अर्थ होता है - वह समय जब भिक्षा या भोजन मिलना भी कठिन हो जाए (बुरा समय)।
  • अकाल के अन्य पर्यायवाची: सूखा, अनावृष्टि, काल, कमी, भुखमरी।
  • अन्य विकल्पों का अर्थ:
    • अपरिहार्य: जिसे टाला न जा सके (Necessary/Unavoidable)।
    • अंधियारा: प्रकाश का अभाव या अंधेरा।
    • अक्षत: जो टूटा न हो या पूजा में इस्तेमाल होने वाले चावल।
Q. 52 निम्नलिखित वाक्यों में कौन-सा मिश्र वाक्य है?
(1) अध्यापकों के सम्मुख छात्र पढ़ते हैं।
(2) क्या अध्यापकों के सम्मुख छात्र पढ़ते हैं?
(3) अध्यापक देखते हैं कि छात्र पढ़ते हैं। ✔ सही उत्तर
(4) छात्र पढ़ते हैं और अध्यापक उन्हें देखते हैं।
सही विकल्प: (3) अध्यापक देखते हैं कि छात्र पढ़ते हैं।
💡
वाक्य विश्लेषण (Grammar Concept)

रचना के आधार पर वाक्यों की पहचान इस प्रकार है :

  • मिश्र वाक्य (Mixed Sentence): जिस वाक्य में एक मुख्य उपवाक्य हो और उस पर आश्रित कोई अन्य उपवाक्य हो, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं. इसकी सबसे बड़ी पहचान 'कि', 'जो', 'क्योंकि', 'जैसा-वैसा' जैसे योजक शब्द हैं. विकल्प (3) में 'कि' का प्रयोग हुआ है.
  • सरल वाक्य: विकल्प (1) एक साधारण वाक्य है जिसमें एक ही क्रिया है.
  • संयुक्त वाक्य: विकल्प (4) में 'और' योजक का प्रयोग है, जो दो स्वतंत्र वाक्यों को जोड़ रहा है.
Q. 53 'जिसकी पूर्व से कोई आशा न हो' के लिए एक शब्द है :
(1) प्रत्याशा
(2) अनाहूत
(3) अपरिमेय
(4) अप्रत्याशित ✔ सही उत्तर
सही विकल्प: (4) अप्रत्याशित
💡
शब्द ज्ञान (Vocabulary Guide)

दिए गए विकल्पों का विस्तृत अर्थ इस प्रकार है :

  • अप्रत्याशित: जिसकी पहले से कोई आशा न की गई हो।
  • प्रत्याशा: किसी वस्तु की प्राप्त होने की आशा रखना।
  • अनाहूत: जिसे बुलाया न गया हो (जो बिना बुलाए आया हो)।
  • अपरिमेय: जिसे मापा न जा सके।
Q. 54 'मुझसे उठा नहीं गया'-वाक्य में वाच्य है :
(1) कर्तृवाच्य
(2) इनमें से कोई नहीं
(3) भाववाच्य ✔ सही उत्तर
(4) कर्मवाच्य
सही विकल्प: (3) भाववाच्य
💡
वाच्य विश्लेषण (Concept Analysis)

वाच्य की पहचान करने के मुख्य नियम इस प्रकार हैं :

  • भाववाच्य: जब वाक्य में क्रिया का मुख्य संबंध न तो कर्ता से हो और न ही कर्म से, बल्कि 'भाव' (असमर्थता या क्रिया की प्रधानता) से हो, तो वह भाववाच्य कहलाता है।
  • पहचान: भाववाच्य के वाक्यों में अक्सर 'नहीं' का प्रयोग होता है और कर्ता के साथ 'से' जुड़ा होता है (जैसे: मुझसे, उससे, राम से)।
  • उदाहरण: "मुझसे चला नहीं जाता", "उससे सोया नहीं गया"। इसी प्रकार "मुझसे उठा नहीं गया" एक भाववाच्य है।
Q. 55 'निष्कपट' शब्द का सन्धि-विच्छेद है :
(1) निः + कपट ✔ सही उत्तर
(2) निष् + कपट
(3) नि + कपट
(4) निष्क + पट
सही विकल्प: (1) निः + कपट
💡
सन्धि नियम (Grammar Rule)

यहाँ विसर्ग सन्धि का प्रयोग हुआ है। इसका नियम इस प्रकार है :

  • नियम: यदि विसर्ग (ः) से पहले 'इ' या 'उ' स्वर हो और विसर्ग के बाद 'क', 'ख', 'ट', 'ठ', 'प', 'फ' में से कोई वर्ण आए, तो विसर्ग का परिवर्तन 'ष्' (मूर्धन्य ष) में हो जाता है।
  • विश्लेषण: निः + कपट = निष्कपट। यहाँ विसर्ग से पहले 'नि' में 'इ' स्वर है और बाद में 'क' आया है।
  • समान उदाहरण:
    • निः + फल = निष्फल
    • निः + पाप = निष्पाप
    • दुः + कर = दुष्कर
Q. 56 इस देश में हिन्दी भाषा का प्रयोग लिखने एवं बोलने में किया जाता है :
(1) आस्ट्रेलिया
(2) मारीशस ✔ सही उत्तर
(3) पाकिस्तान
(4) दक्षिण अमेरिका
सही विकल्प: (2) मारीशस
🌍
सामान्य ज्ञान विश्लेषण (General Knowledge)

हिंदी भाषा के वैश्विक प्रभाव से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य :

  • मारीशस: यह एक ऐसा देश है जहाँ की एक बड़ी आबादी भारतीय मूल की है और वहाँ हिंदी भाषा का प्रयोग बहुत व्यापक स्तर पर बोलने और लिखने में किया जाता है।
  • विश्व हिंदी सचिवालय: आपको जानकर गर्व होगा कि 'विश्व हिंदी सचिवालय' भी मारीशस में ही स्थित है।
  • अन्य देश: मारीशस के अलावा फिजी, सूरीनाम, गयाना और त्रिनिदाद एवं टोबैगो जैसे देशों में भी हिंदी का काफी प्रचलन है।
Q. 57 'सूर सागर' किस भाषा की रचना है ?
(1) अवधी
(2) बुन्देली
(3) ब्रज ✔ सही उत्तर
(4) छत्तीसगढ़ी
सही विकल्प: (3) ब्रज
📖
साहित्यिक विशेष (Literary Facts)

'सूर सागर' और सूरदास जी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य :

  • भाषा: सूरदास जी ने अपनी सभी रचनाएँ ब्रजभाषा में लिखी हैं। उन्हें 'ब्रजभाषा का सूर्य' भी कहा जाता है।
  • रचयिता: इसके लेखक भक्ति काल की सगुण धारा (कृष्ण भक्ति शाखा) के महान कवि सूरदास जी हैं।
  • प्रमुख रचनाएँ: सूरसागर, सूरसारावली और साहित्य लहरी।
  • तुलना: जहाँ तुलसीदास जी ने 'रामचरितमानस' के लिए अवधी का प्रयोग किया, वहीं सूरदास जी ने कृष्ण लीला के लिए ब्रजभाषा को चुना।
Q. 58 'वीरों का कैसा हो वसंत' कविता किसकी लिखी है ?
(1) सुमित्रा कुमारी चौहान
(2) रामधारी सिंह दिनकर
(3) माखनलाल चतुर्वेदी
(4) सुभद्रा कुमारी चौहान ✔ सही उत्तर
सही विकल्प: (4) सुभद्रा कुमारी चौहान
🖋️
काव्य विश्लेषण (Poetic Insights)

इस प्रसिद्ध कविता और कवयित्री के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य:

  • कवयित्री: यह ओजपूर्ण कविता सुभद्रा कुमारी चौहान जी द्वारा रचित है।
  • विषय: इस कविता में कवयित्री ने वीरों के बलिदान और उनके शौर्य का अद्भुत वर्णन किया है।
  • अन्य प्रसिद्ध रचना: सुभद्रा कुमारी चौहान जी की सबसे चर्चित कविता 'झाँसी की रानी' (खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी) है।
  • रस: यह कविता वीर रस की एक उत्कृष्ट रचना मानी जाती है।
Q. 59 'क्षेत्रीय' में कौन-सा विशेषण है ?
(1) गुणवाचक ✔ सही उत्तर
(2) सार्वनामिक
(3) परिमाण बोधक
(4) संख्यावाचक
सही विकल्प: (1) गुणवाचक
💡
व्याकरण विश्लेषण (Rule Analysis)

'क्षेत्रीय' शब्द विशेषण के किस श्रेणी में आता है, इसे यहाँ समझें:

  • मूल शब्द: यह 'क्षेत्र' (संज्ञा) शब्द में 'ईय' प्रत्यय लगने से बना है।
  • गुणवाचक विशेषण: जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, स्थान, काल आदि का बोध कराते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं।
  • तर्क: चूँकि 'क्षेत्रीय' शब्द किसी स्थान या क्षेत्र की विशेषता (स्थानवाचक गुण) बता रहा है, इसलिए यह गुणवाचक विशेषण की श्रेणी में आता है।
  • अन्य उदाहरण: भारतीय, ग्रामीण, शहरी, जापानी - ये सभी गुणवाचक (स्थानवाचक) विशेषण हैं।
Q. 60 'चौराहा' शब्द में समास है :
(1) कर्मधारय समास
(2) अव्ययीभाव समास
(3) द्विगु समास ✔ सही उत्तर
(4) द्वन्द्व समास
सही विकल्प: (3) द्विगु समास
🔢
समास विग्रह और नियम (Grammar Rule)

'चौराहा' में द्विगु समास होने के मुख्य कारण यहाँ देखें:

  • समास विग्रह: चार राहों का समूह (समाहार)।
  • द्विगु समास की पहचान: जिस सामासिक शब्द का प्रथम पद संख्यावाचक विशेषण हो और पूरा शब्द किसी समूह का बोध कराए, उसे द्विगु समास कहते हैं।
  • विश्लेषण: यहाँ 'चौ' का अर्थ 'चार' (संख्या) है, जो 'राहों' के समूह को बता रहा है।
  • अन्य उदाहरण: तिराहा (तीन राहों का समूह), पंचवटी (पाँच वटों का समूह), नवग्रह (नौ ग्रहों का समूह)।

No comments:

Post a Comment

Bottom Ad [Post Page]