(Kohler is associated with which of the following?)
📝 पूर्ण व्याख्या:
वुल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Kohler) एक गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक थे। उन्होंने अधिगम (Learning) की प्रक्रिया को समझाने के लिए "अन्तर्दृष्टि या सूझ का सिद्धान्त" (Insight Learning Theory) प्रतिपादित किया था। कोहलर का प्रयोग 'सुल्तान' नाम के चिम्पैंजी पर बहुत प्रसिद्ध है, जिससे सिद्ध हुआ कि सीखना प्रयास और त्रुटि के बजाय अचानक आई सूझ का परिणाम है।
(According to McDougall the number of instincts are:)
विलियम मैक्डूगल ने मूल प्रवृत्तियों का सिद्धांत दिया था, जिसमें उन्होंने कुल 14 मूल प्रवृत्तियों (Instincts) का वर्णन किया है। उनके अनुसार प्रत्येक मूल प्रवृत्ति एक विशिष्ट संवेग (Emotion) से जुड़ी होती है। यह टॉपिक परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
(Brainstorming Model of Teaching is used to improve which of the following?)
मानसिक उद्वेलन (Brainstorming) तकनीक का प्रयोग मुख्य रूप से समस्या समाधान (Problem solving) की क्षमता विकसित करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में छात्रों को किसी विशिष्ट समस्या पर बिना किसी रोक-टोक के अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि समस्या के कई संभावित समाधान निकल सकें। हालांकि यह सृजनात्मकता को बढ़ावा देता है, लेकिन UPTET के संदर्भ में इसे अक्सर 'समस्या समाधान' के शिक्षण हेतु सही माना गया है।
('Dog' was the experimentee in whose experiment?)
रूसी मनोवैज्ञानिक इवान पावलाव (Ivan Pavlov) ने अपने 'शास्त्रीय अनुबन्धन सिद्धान्त' (Classical Conditioning Theory) के प्रतिपादन हेतु कुत्ते पर प्रयोग किया था। उन्होंने कुत्ते को भोजन देने से पहले घंटी बजाने की प्रक्रिया दोहराई, जिससे अंत में कुत्ता केवल घंटी की आवाज सुनकर ही लार टपकाने लगा।
अन्य प्रयोग:
- स्किनर: चूहा और कबूतर
- थार्नडाइक: बिल्ली
- कोहलर: चिम्पैंजी (सुल्तान)
(Originality, flexibility and flow are the components of which of the following?)
मौलिकता (Originality), नमनीयता/लचीलापन (Flexibility), प्रवाह (Fluency) और विस्तार (Elaboration) सृजनात्मकता के चार मुख्य तत्व या घटक माने जाते हैं।
सृजनात्मकता का अर्थ है कुछ नया और उपयोगी पैदा करना। गिलफोर्ड (Guilford) के अनुसार, सृजनात्मक चिंतन मुख्य रूप से 'अपसारी चिन्तन' (Divergent Thinking) पर आधारित होता है।
(Combat is:)
विलियम मैक्डूगल द्वारा बताई गई 14 मूल प्रवृत्तियों में से 'युयुत्सा' (Combat) एक प्रमुख मूल प्रवृत्ति (Instinct) है।
इस मूल प्रवृत्ति के साथ 'क्रोध' (Anger) का संवेग जुड़ा होता है। जब व्यक्ति को क्रोध आता है, तो उसमें युद्ध करने या लड़ने की प्रवृत्ति (युयुत्सा) जाग्रत होती है।
(Factors affecting the social development of children are:)
बालक के सामाजिक विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उसके आस-पास के वातावरण और समाज की होती है। सामाजिक परिवेशजन्य तत्व के अंतर्गत परिवार, स्कूल, मित्र और समाज आते हैं, जहाँ बालक अंतःक्रिया (Interaction) करके सामाजिक नियम और व्यवहार सीखता है। यद्यपि वंशानुगत और शारीरिक कारक भी प्रभाव डालते हैं, लेकिन सामाजिक विकास के लिए 'परिवेश' प्राथमिक कारक है।
(Which of the following is a primary law of Physical Development?)
द्रुतगामी विकास का नियम (Law of Rapid Growth) शारीरिक विकास का एक प्रमुख नियम है। इसके अनुसार, बालक का शारीरिक विकास हमेशा एक ही गति से नहीं होता, बल्कि कुछ अवस्थाओं (जैसे शैशवावस्था और किशोरावस्था) में विकास की गति बहुत तीव्र यानी द्रुत होती है। अन्य विकल्प विकास के सामान्य सिद्धांतों से संबंधित हैं, लेकिन शारीरिक वृद्धि की गति को यह नियम सबसे सटीक रूप से दर्शाता है।
(Which of the following is NOT the theory of development?)
अनुकूलित प्रत्यावर्तन सिद्धान्त (Theory of Conditioned Reflex) अधिगम (Learning) का सिद्धान्त है, जिसे पावलाव ने दिया था। यह विकास (Development) का सिद्धान्त नहीं है।
विकास के प्रमुख सिद्धांतों में निरन्तर विकास, परस्पर सम्बन्ध, समान प्रतिमान, और वंशानुक्रम एवं वातावरण की अंतःक्रिया का सिद्धान्त शामिल होता है।
("Development results in new characteristics and new abilities." This statement is given by:)
यह कथन मनोवैज्ञानिक गेसेल (Arnold Gesell) के विचारों को दर्शाता है। उनका मानना था कि विकास एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जो परिपक्वता के साथ नई क्षमताओं और विशेषताओं को जन्म देती है। शिक्षण परीक्षाओं में अक्सर इस कथन को गेसेल से जोड़कर देखा जाता है।
(Giving meaning to sensation on the basis of past experience is called:)
जब हम अपनी ज्ञानेंद्रियों द्वारा प्राप्त संवेदना (Sensation) को अपने पूर्व अनुभवों के आधार पर पहचानते हैं और उसे कोई नाम या अर्थ देते हैं, तो यह प्रक्रिया प्रत्यक्षीकरण (Perception) कहलाती है।
उदाहरण के लिए: किसी शोर को सुनना 'संवेदना' है, लेकिन यह पहचान लेना कि वह 'रेलगाड़ी की आवाज' है, प्रत्यक्षीकरण है।
(Who has propounded the law of trial and error of learning?)
अमेरिकी मनोवैज्ञानिक एडवर्ड एल. थार्नडाइक (E.L. Thorndike) ने सीखने के 'प्रयास एवं त्रुटि' (Trial and Error) सिद्धान्त का प्रतिपादन किया था। उन्होंने अपना प्रसिद्ध प्रयोग एक भूखी बिल्ली पर किया था।
इस सिद्धान्त के अनुसार, जब व्यक्ति के सामने कोई नई समस्या आती है, तो वह उसे सुलझाने के लिए अनेक प्रयत्न करता है। गलतियों को दोहराते-दोहराते अंत में वह सही अनुक्रिया (Response) करना सीख जाता है। थार्नडाइक ने सीखने के तीन मुख्य नियम भी दिए: तत्परता का नियम, अभ्यास का नियम और प्रभाव का नियम।
(I.Q. Level of average intelligence children will be between:)
सामान्य या औसत बुद्धि (Average Intelligence) वाले बालकों का बुद्धि लब्धि (I.Q.) स्तर 90 से 109 के बीच होता है। लुईस टर्मन द्वारा दिए गए वर्गीकरण के अनुसार, दुनिया की अधिकांश जनसंख्या इसी श्रेणी में आती है।
याद रखने योग्य तालिका:
- 140 से ऊपर: प्रभावशाली (Genius)
- 120 - 139: अति प्रखर बुद्धि
- 90 - 109: सामान्य/औसत बुद्धि
- 70 से कम: क्षीण बुद्धि
(Who among the following has proposed Fluid Mosaic Model of Intelligence?)
बुद्धि के तरल और ठोस (Fluid and Crystallized) मॉडल का प्रतिपादन आर.बी. कैटेल (Raymond Cattell) ने किया था।
- तरल बुद्धि (Fluid Intelligence): यह तर्क करने और नई समस्याओं को हल करने की क्षमता है, जो आनुवंशिक कारकों पर निर्भर करती है।
- क्रिस्टलीय बुद्धि (Crystallized Intelligence): यह अनुभव, शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से अर्जित की गई बुद्धि है।
(Operant Conditioning Theory is propounded by:)
बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) ने क्रिया प्रसूत अनुबन्धन सिद्धान्त (Operant Conditioning Theory) का प्रतिपादन किया था। उन्होंने अपना प्रयोग मुख्य रूप से चूहों और कबूतरों पर किया था। इस सिद्धान्त के अनुसार, व्यवहार उसके परिणामों (पुरस्कार या दंड) द्वारा नियंत्रित होता है। यदि किसी कार्य के बाद सकारात्मक पुनर्बलन (Reinforcement) मिलता है, तो उस कार्य के दोहराए जाने की संभावना बढ़ जाती है।
(Blue print is an important component of which of the following?)
ब्लू-प्रिंट (Blue-print) का संबंध मुख्य रूप से परीक्षण निर्माण (Test Construction) से है। यह एक त्रिविमीय तालिका (Three-dimensional chart) होती है जो प्रश्न पत्र की संरचना तय करती है।
इसमें यह तय किया जाता है कि किस इकाई (Unit) से कितने प्रश्न पूछे जाएंगे, प्रश्नों का प्रकार (Objective, Short, Long) क्या होगा और वे किस उद्देश्य (Knowledge, Understanding, Application) की पूर्ति करेंगे। इसके बिना एक संतुलित प्रश्न पत्र बनाना संभव नहीं है।
(Pre-operational stage is the stage of development proposed by:)
प्रसिद्ध स्विस मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) ने संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) का सिद्धान्त दिया था। उन्होंने विकास की चार मुख्य अवस्थाएँ बताई हैं, जिनमें से पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) दूसरी अवस्था है।
पियाजे की 4 अवस्थाएँ:
- 1. संवेदी-पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष)
- 2. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष)
- 3. मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष)
- 4. औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से ऊपर)
(M.P.P.I. is a test used to measure which of the following?)
M.P.P.I. (Minnesota Multiphasic Personality Inventory) जिसे हिंदी में मिनेसोटा बहुपक्षीय व्यक्तित्व सूची कहा जाता है, मुख्य रूप से व्यक्तित्व (Personality) के मापन और मानसिक स्वास्थ्य के निदान के लिए उपयोग किया जाता है। यह दुनिया भर में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले नैदानिक व्यक्तित्व परीक्षणों में से एक है।
(Which of the following is most essential for learning?)
अधिगम (Learning) के लिए सबसे महत्वपूर्ण और प्राथमिक कारक अभिप्रेरणा (Motivation) है। बी.एफ. स्किनर ने अभिप्रेरणा को "सीखने का राष्ट्रीय राजमार्ग" (National Highway to Learning) कहा है। हालांकि रुचि और परिपक्वता भी आवश्यक हैं, लेकिन बिना प्रेरणा के सीखने की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से शुरू नहीं हो सकती। प्रेरणा ही वह बल है जो छात्र को लक्ष्य की ओर सक्रिय रखता है।
(The period of infancyhood is:)
सामान्यतः विकास की अवस्थाओं में शैशवकाल (Infancy) का समय जन्म से 2 वर्ष तक माना जाता है। प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे ने भी अपनी संवेदी-पेशीय अवस्था (Sensory Motor Stage) की अवधि जन्म से 2 वर्ष ही बताई है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- शैशवकाल में बालक अपनी ज्ञानेंद्रियों के माध्यम से सीखता है।
- इस अवस्था में शारीरिक और मानसिक विकास की गति अत्यंत तीव्र होती है।
- विकल्प (3) 'जन्म से 6 वर्ष' को कुछ मनोवैज्ञानिक पूर्व-बाल्यावस्था (Early Childhood) के साथ जोड़कर देखते हैं।
(Through his experiment Kohler wanted to prove that learning is:)
कोहलर एक गेस्टाल्टवादी (Gestaltist) थे। 'गेस्टाल्ट' शब्द का अर्थ ही होता है— 'पूर्णाकार' या 'समग्रता'।
कोहलर ने वनमानुष 'सुल्तान' पर प्रयोग करके यह सिद्ध किया कि अधिगम प्रयास और त्रुटि का परिणाम नहीं, बल्कि समग्र परिस्थिति का प्रत्यक्षीकरण (Perception of whole situation) है। जब व्यक्ति किसी समस्या के सभी अंगों को एक साथ देखता है, तो उसमें अचानक 'सूझ' (Insight) उत्पन्न होती है और वह समस्या हल करना सीख जाता है।
(Who propounded 'Five Step System' of lesson planning?)
शिक्षण जगत में प्रसिद्ध 'पंचपद प्रणाली' (Five Step System) का प्रतिपादन जे.एफ. हरबार्ट (J.F. Herbart) ने किया था। उन्होंने प्रभावी पाठ योजना के लिए पाँच क्रमिक सोपान बताए हैं, जो इस प्रकार हैं:
हरबार्ट के 5 पद:
- प्रस्तावना (Preparation/Introduction)
- प्रस्तुतीकरण (Presentation)
- तुलना या संबंध (Comparison/Association)
- सामान्यीकरण (Generalization)
- प्रयोग (Application)
(Who described different types of personality based on Glands from the following?)
व्यक्तित्व का वर्गीकरण करने वाले मनोवैज्ञानिकों में कैनन (Cannon) ने अंतःस्रावी ग्रन्थियों (Endocrine Glands) के आधार पर व्यक्तित्व के प्रकारों की चर्चा की है। उनका मानना था कि शरीर की ग्रंथियों से निकलने वाले हार्मोन व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं।
अन्य महत्वपूर्ण वर्गीकरण:
- क्रेशमर: शरीर की बनावट (Physical structure) के आधार पर।
- जुंग (युंग): सामाजिकता/मनोवैज्ञानिक लक्षणों (अन्तर्मुखी, बहिर्मुखी) के आधार पर।
- स्प्रैन्जर: मूल्यों (Values) के आधार पर।
('Creativity is a mental process to express the original outcomes' - the statement is of:)
यह प्रसिद्ध परिभाषा क्रो एवं क्रो (Crow and Crow) द्वारा दी गई है। उनके अनुसार, सृजनात्मकता वह योग्यता है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने मौलिक विचारों और परिणामों को दुनिया के सामने प्रकट करता है। इसमें नवीनता और उपयोगिता दोनों का मिश्रण होता है।
(According to B.F. Skinner, language development in children takes place:)
व्यवहारवादी मनोवैज्ञानिक बी. एफ. स्किनर का मानना था कि बच्चे भाषा **अनुकरण (Imitation)** और **प्रबलन/पुनर्बलन (Reinforcement)** के माध्यम से सीखते हैं. जब बच्चा बड़ों की नकल करता है और सही शब्द बोलने पर उसे शाबाशी या पुरस्कार मिलता है, तो वह भाषा को तेज़ी से सीखता है.
नोट: इसके विपरीत चोमस्की का मानना था कि भाषा विकास "जन्मजात क्षमता" के कारण होता है.
(Instincts are classified in fourteen types by:)
मनोवैज्ञानिक विलियम मैक्डूगल (William McDougall) ने मूल प्रवृत्तियों का सिद्धान्त दिया था। उन्होंने बताया कि मनुष्य के व्यवहार का मुख्य आधार उसकी 14 मूल प्रवृत्तियाँ होती हैं, और प्रत्येक मूल प्रवृत्ति के साथ एक विशिष्ट संवेग (Emotion) जुड़ा होता है।
('Attention is the concentration of consciousness upon one object rather than upon another' - this statement is related to:)
यह प्रसिद्ध परिभाषा मनोवैज्ञानिक डम्बिल (Dumvile) द्वारा दी गई है। उनके अनुसार, अवधान (Attention) हमारी चेतना की वह शक्ति है जो हमें कई विकल्पों में से किसी एक विशिष्ट वस्तु या विचार पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करती है। सरल शब्दों में, जब हम बाकी सब भूलकर किसी एक चीज पर फोकस करते हैं, तो वही अवधान है।
(Whose name is associated with 'Father of the Eugenics' from the following?)
फ्रांसिस गाल्टन (Francis Galton) को 'सुजननशास्त्र का पिता' (Father of Eugenics) कहा जाता है. उन्होंने ही सबसे पहले 'Eugenics' शब्द का प्रयोग किया था. सुजननशास्त्र विज्ञान की वह शाखा है जो अनुवांशिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके भावी पीढ़ियों के सुधार या मानव जाति की नस्ल को बेहतर बनाने का अध्ययन करती है.
(Which test is propounded by Dr. S. Jalota in Hindi for the children of 12 to 16 years?)
डॉ. एस. जलोटा ने 12 से 16 वर्ष के किशोरों की बुद्धि मापने के लिए 'साधारण मानसिक योग्यता परीक्षण' (General Mental Ability Test) का निर्माण किया था। यह एक शाब्दिक समूह बुद्धि परीक्षण है जो हिन्दी भाषा में उपलब्ध है। इसका उपयोग शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों की सामान्य क्षमता का आकलन करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
(Who propounded the 'Two Factor Theory' of intelligence?)
बुद्धि के 'द्विकारक सिद्धान्त' (Two Factor Theory) का प्रतिपादन अंग्रेज मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) ने 1904 में किया था।
उनके अनुसार बुद्धि दो कारकों से मिलकर बनी है:
- G-Factor (General Factor): सामान्य कारक, जो जन्मजात होता है और हर मानसिक कार्य में काम आता है।
- S-Factor (Specific Factor): विशिष्ट कारक, जो अर्जित किया जाता है और किसी खास कार्य (जैसे संगीत या गणित) से संबंधित होता है।



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