एक संदेश, आपके नाम
— आफताब सर (Way2 Study Smart)"नमस्ते बच्चों, मैं आफताब सर! आपकी सफलता की इस यात्रा में मैं आपके साथ हूँ। CG PPT 2024 का यह समाधान केवल उत्तर नहीं, बल्कि मेरी तरफ से आपके कठिन परिश्रम को आसान बनाने की एक छोटी सी कोशिश है। याद रखिये, कोई भी लक्ष्य आपकी मेहनत से बड़ा नहीं है। पढ़ते रहिये, बढ़ते रहिये!"
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| CG PPT 2024: विज्ञान (भौतिकी एवं रसायन) के सभी प्रश्नों का सटीक और विस्तृत समाधान। |
प्रतियोगी परीक्षा विशेषांक
CG PPT 2024
SCIENCE SOLUTION
भौतिकी (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) के सभी 75 प्रश्नों का सबसे सटीक और विस्तृत समाधान, सिर्फ आपके उज्जवल भविष्य के लिए।
Q1. अवतल लेंस की क्षमता होती है- (The power of concave lens is-)
अवतल लेंस (Concave Lens) की फोकस दूरी (f) हमेशा ऋणात्मक (Negative) होती है। चूँकि लेंस की क्षमता $P = \frac{1}{f}$ होती है, इसलिए इसकी क्षमता भी हमेशा ऋणात्मक ही होगी।
The focal length ($f$) of a concave lens is always negative. Since the power of a lens is given by $P = \frac{1}{f}$, its power is also always negative.
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Q2. नीचे दिये गये दो कथन (A) और (B) पर विचार कीजिये-
कथन (a) : आभासी प्रतिबिम्ब सदैव सीधा होता है।
कथन (b) : वास्तविक प्रतिबिम्ब सदैव उल्टा होता है।
(Consider two Statement (A) & (B) given below-
Statement (a) : Virtual image is always erect.
Statement (b) : Real image is always inverted.)
- प्रकाशिकी (Optics) के नियमानुसार, आभासी (Virtual) प्रतिबिम्ब हमेशा सीधा (Erect) बनता है।
- इसी प्रकार, वास्तविक (Real) प्रतिबिम्ब हमेशा उल्टा (Inverted) बनता है।
As per the rules of optics, virtual images are always erect and real images are always inverted.
English Trick: "V-E" (Virtual-Erect) and "R-I" (Real-Inverted).
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Q3. विभवान्तर मापने वाले उपकरण का नाम है- (The name of the instrument for measuring potential difference-)
दो बिंदुओं के बीच के विभवान्तर (Potential Difference) को मापने के लिए वोल्टमीटर (Voltmeter) का उपयोग किया जाता है। इसे हमेशा परिपथ में समांतर क्रम (Parallel) में जोड़ा जाता है।
A Voltmeter is used to measure the potential difference between two points. It is always connected in parallel within the circuit.
(ध्यान दें: अमीटर से धारा (Current) नापी जाती है, विभवमापी (Potentiometer) का उपयोग सटीक विभव मापने में होता है लेकिन सामान्यतः वोल्टमीटर ही उत्तर होता है।)
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Q4. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ एक अच्छा कुचालक है? (Which of the following materials is a good insulator?)
कुचालक (Insulator) वे पदार्थ होते हैं जिनमें से विद्युत धारा (Electricity) आसानी से प्रवाहित नहीं हो पाती। यहाँ एल्यूमीनियम, कॉपर और चांदी धातुएँ (Metals) हैं जो विद्युत की सुचालक (Conductors) हैं। काँच (Glass) एक अधातु है और यह विद्युत का बहुत अच्छा कुचालक है।
Insulators are materials that do not allow electric current to flow through them easily. While Aluminium, Copper, and Silver are metals (conductors), Glass is a non-metal and serves as a very good insulator.
चांदी (Silver) विद्युत का सबसे अच्छा सुचालक (Best Conductor) होता है।
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Q5. यदि किसी प्रतिरोध तार का व्यास आधा कर दिया जाय तो उसका प्रतिरोध हो जाता है- (If the diameter of a resistance wire is halved then its resistance becomes-)
प्रतिरोध ($R$) का सूत्र है: $R = \rho \frac{l}{A}$
जहाँ $A = \pi r^2$ या $A = \pi (\frac{d}{2})^2$ (यहाँ $d$ व्यास है)।
अतः प्रतिरोध व्यास के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है: $R \propto \frac{1}{d^2}$
यदि व्यास ($d$) को आधा ($\frac{d}{2}$) किया जाए, तो नया प्रतिरोध:
$R_{new} \propto \frac{1}{(\frac{d}{2})^2} = \frac{4}{d^2}$
यानी प्रतिरोध 4 गुना बढ़ जाएगा।
यहाँ $n = \frac{1}{2}$ है, तो $\frac{1}{(\frac{1}{2})^2} = 4$ गुना। सीधा हिसाब!
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Q6. विद्युत आवेश की इकाई है- (The unit of electric charge is-)
विद्युत आवेश (Electric Charge) की SI इकाई कूलाम्ब (Coulomb) है। इसे '$C$' से दर्शाया जाता है।
The SI unit of electric charge is the Coulomb, denoted by the symbol '$C$'.
- Ampere: विद्युत धारा (Electric Current) की इकाई।
- Joule: कार्य या ऊर्जा (Work/Energy) की इकाई।
- Volt: विभवांतर (Potential Difference) की इकाई।
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Q7. निम्नलिखित में से किसका उपयोग पेरिस्कोप बनाने के लिए होता है- (Which of the following is used to make periscope?)
पेरिस्कोप (Periscope) में दो समतल दर्पण (Plane Mirrors) का उपयोग किया जाता है। ये दोनों दर्पण एक-दूसरे के समांतर (Parallel) और $45^\circ$ के कोण पर स्थित होते हैं। इसका उपयोग पनडुब्बियों (Submarines) में बाहर का दृश्य देखने के लिए किया जाता है।
A Periscope uses two Plane Mirrors placed parallel to each other at an angle of $45^\circ$. It is commonly used in submarines to see objects above the water surface.
इसमें प्रकाश का परावर्तन (Reflection) होता है, अपवर्तन (Refraction) नहीं, इसलिए लेंस का उपयोग नहीं होता।
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Q8. जोड़ी बनाइये- (Match the following:)
| समूह – I (Group – I) | समूह – II (Group – II) |
|---|---|
| (a) धारा (Current) | (I) एम्पियर (Ampere) |
| (b) वोल्टेज (Voltage) | (II) ओम (Ohm) |
| (c) प्रतिरोध (Resistance) | (III) वोल्ट (Volt) |
| (d) शक्ति (Power) | (IV) वाट (Watt) |
सही मिलान इस प्रकार है:
- धारा (Current) की इकाई एम्पियर (Ampere) है।
- वोल्टेज (Voltage) की इकाई वोल्ट (Volt) है।
- प्रतिरोध (Resistance) की इकाई ओम (Ohm) है।
- शक्ति (Power) की इकाई वाट (Watt) है।
बस Voltage-Volt सबसे आसान है, वहीं से मैचिंग शुरू करें!
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Q9. घरेलू प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति होती है- (The frequency of domestic alternating current is-)
भारत में घरों में इस्तेमाल होने वाली प्रत्यावर्ती धारा (AC) की मानक आवृत्ति (Frequency) 50 Hz होती है। इसका मतलब है कि धारा एक सेकंड में 50 बार अपनी दिशा बदलती है।
In India, the standard frequency of domestic alternating current (AC) is 50 Hz. This means the current reverses its direction 50 times per second.
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Q10. सुमेलित कीजिये- (Match the following-)
(a) दंत चिकित्सक (Dentist)
(b) आवर्धित प्रतिबिम्ब (Magnified Image)
(c) वाहन के पक्ष दृश्य दर्पण (Rearview mirror)
(d) पेरिस्कोप (Periscope)
(I) अवतल / समतल दर्पण (Concave / plane mirror)
(II) अवतल दर्पण (Concave mirror)
(III) उत्तल दर्पण (Convex mirror)
(IV) समतल दर्पण (Plane mirror)
- दंत चिकित्सक: दाँतों को बड़ा देखने के लिए अवतल दर्पण (Concave) का प्रयोग करते हैं।
- आवर्धित प्रतिबिम्ब: केवल अवतल दर्पण ही बड़ा (Magnified) फोटो बना सकता है।
- वाहन का रियरव्यू मिरर: पीछे का बड़ा क्षेत्र देखने के लिए उत्तल दर्पण (Convex) का उपयोग होता है।
- पेरिस्कोप: इसमें समतल दर्पण (Plane mirror) का उपयोग होता है।
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Q11. किसी दिये गये पदार्थ के तार की विद्युतीय प्रतिरोधकता निर्भर करती है- (An electrical resistivity of a given substance wire depends upon-)
किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता (Resistivity - $\rho$) उसकी लंबाई, मोटाई या आकार पर निर्भर नहीं करती। यह केवल पदार्थ की प्रकृति (जैसे ताँबा, लोहा आदि) और तापमान पर निर्भर करती है।
The Resistivity ($\rho$) of a substance does not depend on its length, thickness, or shape. It only depends on the nature of the substance and temperature.
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Q12. धारा को नापने के लिए कौन सा इकाई उपयोग किया जाता है? (Which unit could be used to measure current?)
विद्युत धारा (Electric Current) के प्रवाह की दर को मापने के लिए एम्पियर (Ampere) इकाई का उपयोग किया जाता है। इसे अक्सर संक्षेप में 'Amp' या '$A$' लिखा जाता है।
The unit used to measure the flow of electric current is the Ampere. It is commonly abbreviated as 'Amp' or '$A$'.
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Q13. कौन सा लेंस के मध्य में पतला होता है? (Which lens is thinner at the centre?)
अवतल लेंस (Concave Lens) किनारों पर मोटा और बीच (मध्य) में पतला होता है। यह प्रकाश की किरणों को फैला देता है, इसलिए इसे 'अपसारी लेंस' (Diverging Lens) भी कहते हैं।
A Concave Lens is thicker at the edges and thinner at the center. It diverges light rays, which is why it's also known as a 'Diverging Lens'.
2. अवतल लेंस (Concave): बीच में पतला, किनारों पर मोटा।
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Q14. नीचे दिए गए कथन (A) और कारण (R) का सही विकल्प चुनें-
कथन (A) : कोलाइडल कण टिंडल प्रभाव को प्रदर्शित नहीं करते हैं।
कारण (R) : कोलाइड विलयन स्थिर होते हैं तथा कोलाइड कण स्थिर नहीं होते हैं।
(Assertion (A): Colloidal particles do not show Tyndall effect.
Reason (R): Colloidal solutions are stable and the colloidal particles do not settle down.)
1. कथन (A) गलत है: क्योंकि कोलाइडल कण प्रकाश को फैलाते हैं और टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) प्रदर्शित करते हैं।
2. कारण (R) सही है: कोलाइडल विलयन वास्तव में स्थिर होते हैं और उनके कण नीचे नहीं बैठते (do not settle down)।
1. Assertion (A) is false: Because colloidal particles scatter light and do show the Tyndall effect.
2. Reason (R) is true: Colloidal solutions are indeed stable and their particles do not settle down.
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Q15. $SO_2$ में सल्फर और ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान का अनुपात क्या है? (What is the ratio by atomic mass of sulphur and oxygen in $SO_2$?)
1. सल्फर (S) का परमाणु द्रव्यमान = 32 u
2. ऑक्सीजन (O) का परमाणु द्रव्यमान = 16 u, तो $O_2$ का कुल द्रव्यमान = $16 \times 2 = \mathbf{32\ u}$
3. अब अनुपात ($S : O_2$) = $32 : 32 = \mathbf{1 : 1}$
1. Atomic mass of Sulphur (S) = 32 u
2. Atomic mass of Oxygen (O) = 16 u, so total mass of $O_2$ = $16 \times 2 = \mathbf{32\ u}$
3. Therefore, the ratio ($S : O_2$) = $32 : 32 = \mathbf{1 : 1}$
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Q16. नीचे दिए गए कथन (A) और कारण (R) का सही विकल्प चुनें-
कथन (A) : ऑक्सीजन का आणविक भार 16 है।
कारण (R) : ऑक्सीजन का परमाणु भार 16 है।
(Assertion (A): Molecular weight of oxygen is 16.
Reason (R): Atomic weight of oxygen is 16.)
1. कथन (A) गलत है: ऑक्सीजन का एक अणु $O_2$ होता है। चूँकि एक ऑक्सीजन परमाणु का भार 16 है, इसलिए आणविक भार $16 \times 2 = \mathbf{32}$ होगा।
2. कारण (R) सही है: ऑक्सीजन का परमाणु भार (Atomic weight) वास्तव में 16 होता है।
1. Assertion (A) is false: Oxygen exists as a molecule ($O_2$). Since the weight of one oxygen atom is 16, its molecular weight is $16 \times 2 = \mathbf{32}$.
2. Reason (R) is true: The atomic weight of oxygen is indeed 16.
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Q17. नीचे दिए गए कथन (A) और कारण (R) का सही विकल्प चुनें-
कथन (A) : एक ग्लास पानी में टेबल नमक का घोल सजातीय होता है।
कारण (R) : जिन विलयन की संरचना भिन्न-भिन्न हो, वह सजातीय होता है।
(Assertion (A): A solution of table salt in a glass of water is homogeneous.
Reason (R): A solution having different composition throughout is homogeneous.)
1. कथन (A) सत्य है: पानी में नमक का घोल एक सजातीय (Homogeneous) मिश्रण है क्योंकि इसमें नमक पूरी तरह और समान रूप से घुल जाता है।
2. कारण (R) असत्य है: सजातीय विलयन वह होता है जिसकी संरचना पूरे मिश्रण में एक समान (Same) हो, न कि भिन्न-भिन्न। भिन्न संरचना वाले मिश्रण को विषमांगी (Heterogeneous) कहते हैं।
1. Assertion (A) is true: Salt solution in water is homogeneous because the salt is distributed uniformly throughout.
2. Reason (R) is false: A homogeneous solution has a uniform composition throughout, not different. A mixture with different compositions is called heterogeneous.
विषमांगी (Heterogeneous) = अलग (Different) संरचना।
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Q18. निम्नलिखित में से कौन सा परमाणु जोड़ा संभारिक है? (Which of the following atoms are isobars?)
संभारिक (Isobars): वे परमाणु जिनके परमाणु द्रव्यमान (Mass Number) समान होते हैं, लेकिन परमाणु क्रमांक (Atomic Number) अलग-अलग होते हैं, उन्हें संभारिक कहते हैं।
यहाँ विकल्प (C) में Argon (Ar) और Calcium (Ca) दोनों का परमाणु द्रव्यमान 40 है।
Isobars: Atoms that have the same mass number but different atomic numbers are called isobars. In option (C), both Argon (Ar) and Calcium (Ca) have a mass number of 40.
2. संभारिक (Isobars): द्रव्यमान (ऊपर वाली संख्या) समान (जैसे Option C)।
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Q19. कौन से रेडियोधर्मी तत्त्व का उपयोग कैंसर के उपचार में किया जाता है? (Which radioactive element is used in the treatment of Cancers?)
कोबाल्ट-60 (Cobalt-60) एक रेडियोधर्मी आइसोटोप है जो उच्च ऊर्जा वाली गामा किरणें ($\gamma$-rays) उत्सर्जित करता है। इन किरणों का उपयोग कैंसर कोशिकाओं (Tumors) को नष्ट करने के लिए रेडियोथेरेपी में किया जाता है।
Cobalt-60 is a radioactive isotope that emits high-energy gamma rays ($\gamma$-rays). These rays are used in radiotherapy to destroy cancer cells and tumors.
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Q20. रक्त और समुद्री जल है- (Blood and sea water are-)
रक्त (Blood) और समुद्री जल (Sea Water) दोनों ही मिश्रण (Mixtures) हैं।
• समुद्री जल में नमक, पानी और कई अन्य खनिज घुले होते हैं।
• रक्त में प्लाज्मा, लाल रक्त कोशिकाएं (RBC), श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC) और प्लेटलेट्स का मिश्रण होता है।
Both Blood and Sea Water are mixtures. Sea water is a mixture of salts, water, and minerals, while blood is a complex mixture of plasma, RBCs, WBCs, and platelets.
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Q21. किसी तत्व के समस्थानिक होते है- (Isotopes of an element have-)
समस्थानिक (Isotopes): एक ही तत्व के वे परमाणु होते हैं जिनका परमाणु क्रमांक (Atomic Number) समान होता है, लेकिन उनके नाभिक में न्यूट्रॉन की संख्या अलग-अलग होती है।
• चूंकि इनका परमाणु क्रमांक समान है, इसलिए इनके रासायनिक गुण भी समान होते हैं।
• लेकिन द्रव्यमान अलग होने के कारण इनके भौतिक गुण भिन्न हो सकते हैं।
Isotopes: These are atoms of the same element that have the same atomic number but a different number of neutrons in their nuclei.
• Since they have the same atomic number, they share similar chemical properties.
• However, they have different physical properties due to different masses.
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Q22. नीचे दिए गए कथन (A) और कारण (R) का सही विकल्प चुनें-
कथन (A) : ऐलुमिनियम का परमाणु द्रव्यमान 27 है।
कारण (R) : ऐलुमिनियम का एक परमाणु कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 से 27 गुना भारी है।
(Assertion (A): Atomic mass of aluminium is 27.
Reason (R): An atom of Aluminium is 27 times heavier than 1/12th of the mass of carbon-12 atom.)
1. कथन (A) सत्य है: ऐलुमिनियम ($Al$) का परमाणु द्रव्यमान वास्तव में 27 u होता है।
2. कारण (R) सत्य है: परमाणु द्रव्यमान की परिभाषा ही यही है कि कोई परमाणु कार्बन-12 के 1/12वें भाग से कितना गुना भारी है। चूँकि ऐलुमिनियम 27 गुना भारी है, इसलिए इसका द्रव्यमान 27 है।
1. Assertion (A) is true: The atomic mass of Aluminium ($Al$) is indeed 27 u.
2. Reason (R) is true: The definition of atomic mass is how many times an atom is heavier than 1/12th of the mass of a carbon-12 atom. Since Aluminium is 27 times heavier, its mass is 27.
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Q23. डाल्टन के परमाणु सिद्धांत द्वारा प्रस्तावित सबसे उल्लेखनीय अवधारणा है- (The most remarkable concept that Dalton's atomic theory proposed was that of the-)
जॉन डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की सबसे क्रांतिकारी और उल्लेखनीय विशेषता परमाण्विक द्रव्यमान (Atomic Mass) की अवधारणा थी। उन्होंने प्रस्तावित किया कि प्रत्येक तत्व का एक विशिष्ट परमाण्विक द्रव्यमान होता है, जिसने 'निश्चित अनुपात के नियम' को समझाने में मदद की।
The most remarkable and revolutionary concept of Dalton's atomic theory was Atomic Mass. He proposed that each element possesses a characteristic atomic mass, which helped explain the 'Law of Definite Proportions'.
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Q24. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ प्रकृति में सजातीय नहीं है? (Which of the following substances is not homogeneous in natures?)
मिट्टी (Soil) प्रकृति में सजातीय (Homogeneous) नहीं है, बल्कि यह एक विषमांगी (Heterogeneous) मिश्रण है। इसमें कंकड़, रेत, सड़े-गले कार्बनिक पदार्थ और विभिन्न खनिजों का मिश्रण होता है, जो हर जगह एक समान नहीं होता।
Soil is not homogeneous; it is a heterogeneous mixture. It contains a mix of pebbles, sand, decaying organic matter, and various minerals that are not uniformly distributed.
2. विषमांगी: जिसकी बनावट अलग-अलग हो (जैसे मिट्टी, कंकड़ वाला पानी)।
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Q25. निम्न में से कौन सा गुण किसी यौगिक के बारे में सही नहीं है? (Which of the following property does not describe a compound?)
यौगिक (Compound) में तत्त्व हमेशा एक निश्चित अनुपात (Fixed Proportion) में रासायनिक रूप से जुड़े होते हैं। किसी भी अनुपात में मिलाने पर 'मिश्रण' (Mixture) बनता है, यौगिक नहीं।
In a Compound, elements are always chemically combined in a fixed proportion by mass. If they are mixed in any proportion, it results in a 'Mixture', not a compound.
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Q26. निम्नलिखित विकल्पों में से कोलाइड्स के बारे में गलत कथन का चयन कीजिए। (Select the incorrect statement about colloids from the following options.)
कोलाइड्स (Colloids) दिखने में समरूप (Homogeneous) लग सकते हैं, लेकिन वास्तव में वे विषमांगी (Heterogeneous) होते हैं। इनके कणों का आकार इतना बड़ा होता है कि वे प्रकाश को फैला सकें, लेकिन इतना छोटा होता है कि वे नग्न आँखों से दिखाई न दें।
Colloids might appear homogeneous to the naked eye, but they are actually heterogeneous. Their particle size is large enough to scatter light but small enough that they don't settle down or appear separate without a microscope.
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Q27. $5500 \text{ \AA}$ तरंगदैर्ध्य वाली प्रकाश एक समतल परावर्तित सतह पर आपतित होती है। परावर्तित तरंगदैर्ध्य होगी- (Light of wave lengths $5500 \text{ \AA}$ falls on a plane reflecting surface. The reflected wave lengths is-)
जब प्रकाश की किरण किसी सतह से परावर्तित (Reflected) होती है, तो उसका माध्यम नहीं बदलता। चूँकि तरंगदैर्ध्य ($\lambda$) माध्यम के गुणों पर निर्भर करती है और परावर्तन में प्रकाश उसी माध्यम में वापस लौट आता है, इसलिए उसकी तरंगदैर्ध्य, आवृत्ति और वेग में कोई परिवर्तन नहीं होता।
When light is reflected from a surface, it stays in the same medium. Since the properties of light like wavelength ($\lambda$), frequency, and speed do not change when the medium remains the same, the reflected wavelength will be identical to the incident one.
2. अपवर्तन (Refraction): $\lambda$ बदल जाती है (क्योंकि माध्यम बदल जाता है)।
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Q28. निम्नलिखित सुमेलित कीजिए- (Match the following-)
(a) शक्ति की SI इकाई (SI unit of power)
(b) विद्युत धारा की SI इकाई (SI unit of electric current)
(c) ऊर्जा की SI इकाई (SI unit of energy)
(I) जूल (Joule)
(II) वॉट (Watt)
(III) ऐम्पियर (Ampere)
- शक्ति (Power): इसकी SI इकाई वॉट (Watt) है। [$P = \frac{W}{t}$]
- विद्युत धारा (Current): इसकी SI इकाई ऐम्पियर (Ampere) है। [$I = \frac{Q}{t}$]
- ऊर्जा (Energy): इसकी SI इकाई जूल (Joule) है। [कार्य और ऊर्जा की इकाई समान होती है]
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Q29. कालम - I व II को सही मिलाइये- (Match correctly Column - I and II.)
(a) परावर्तन (Reflection)
(b) अपवर्तन (Refraction)
(c) पूर्ण आन्तरिक परावर्तन (Total internal reflection)
(p) $\mu = \frac{\sin i}{\sin r}$
(q) मरीचिका (Mirage)
(r) बिना माध्यम में परिवर्तन के प्रकाश के पथ में परिवर्तन (Change in path of light without change in medium)
- परावर्तन (Reflection): जब प्रकाश की किरण किसी सतह से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौट आती है (a-r)।
- अपवर्तन (Refraction): इसमें स्नेल का नियम ($\mu = \frac{\sin i}{\sin r}$) लागू होता है (b-p)।
- पूर्ण आन्तरिक परावर्तन: इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण मरीचिका (Mirage) का बनना है (c-q)।
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Q30. खगोलीय दूरदर्शी द्वारा प्राप्त अंतिम प्रतिबिम्ब, वस्तु की तुलना में होता है- (The final image formed in an astronomical telescope with respect to the object is-)
खगोलीय दूरदर्शी (Astronomical Telescope) में दो उत्तल लेंस होते हैं। अभिदृश्यक (Objective) लेंस द्वारा बनाया गया पहला प्रतिबिम्ब वास्तविक और उल्टा होता है, लेकिन अंतिम प्रतिबिम्ब नेत्रिका (Eyepiece) द्वारा बनाया जाता है जो कि काल्पनिक (आभासी) और वस्तु के सापेक्ष उल्टा होता है।
In an astronomical telescope, the objective lens forms a real and inverted image. However, the final image formed by the eyepiece is virtual and inverted with respect to the original object.
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Q31. एक कॉपर के तार को खींचकर 0.5% लम्बा किया जाता है। यदि तार का आयतन अपरिवर्तित रहता हो तो उसके विद्युत प्रतिरोध में होने वाला परिवर्तन (प्रतिशत में) होगा-
(A Copper wire is stretched to make it 0.5% longer. The percentage change in its electric resistance, if its volume remains unchanged is-)
जब किसी तार को खींचकर लंबा किया जाता है और उसका आयतन (Volume) स्थिर रहता है, तो उसका प्रतिरोध (R) उसकी लंबाई ($l$) के वर्ग के समानुपाती होता है:
$$R \propto l^2$$
त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis) या छोटे प्रतिशत परिवर्तनों के लिए हम इस सूत्र का उपयोग करते हैं:
प्रतिशत परिवर्तन ($\Delta R\%$) = $2 \times$ लंबाई में प्रतिशत परिवर्तन ($\Delta l\%$)
यहाँ, $\Delta l\% = 0.5\%$
अतः, $\Delta R\% = 2 \times 0.5\% = \mathbf{1.0\%}$
$0.5 \times 2 = 1.0\%$ बस!
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Q32. निकट दृष्टि दोष के निवारण हेतु आदमी के चश्मे में उपयोग होता है-
(To correct short sightedness the person has to use spectacles with-)
निकट दृष्टि दोष (Myopia): इसमें व्यक्ति को पास की वस्तुएं तो साफ़ दिखती हैं, लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि प्रतिबिम्ब रेटिना से पहले ही बन जाता है। इसे ठीक करने के लिए अवतल लेंस (Concave Lens) का उपयोग किया जाता है, जो प्रकाश की किरणों को फैलाकर सही जगह (रेटिना) पर पहुँचाता है।
2. दूर (2 शब्द) → उत्तल (3 शब्द) — बड़ा शब्द, बड़ा लेंस।
(बस याद रखें: कम शब्दों वाली बीमारी के लिए कम शब्दों वाला लेंस!)
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Q33. दिए गए परिपथ में $5\Omega$ पर विभवान्तर होगा-
(In given circuit, Potential difference across $5\Omega$ is-)
Step 1: कुल प्रतिरोध ($R_{eq}$) निकालें:
चूँकि तीनों प्रतिरोधक श्रेणीक्रम (Series) में हैं:
$R_{eq} = 5\Omega + 10\Omega + 15\Omega = \mathbf{30\Omega}$
Step 2: परिपथ में कुल धारा ($I$) निकालें:
ओम के नियम से ($V = IR$):
$I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{30V}{30\Omega} = \mathbf{1A}$
Step 3: $5\Omega$ पर विभवान्तर ($V_{5\Omega}$) निकालें:
$V = I \times R$
$V = 1A \times 5\Omega = \mathbf{5V}$
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Q34. तीन बल्बों A, B व C को चित्रानुसार जोड़ा गया है। स्विच 'S' को क्लोज करने पर बल्बों की तीव्रता में परिवर्तन होगा-
(Three bulbs A, B and C are connected as shown in fig. Change occur in brightness of the bulbs when the switch 'S' is closed-)
1. स्विच बंद करने से पहले: बल्ब A और C श्रेणीक्रम (Series) में हैं।
2. स्विच 'S' बंद करने के बाद: बल्ब B अब बल्ब C के साथ समानांतर क्रम (Parallel) में आ जाता है।
प्रभाव (Effect):
• बल्ब C और B का संयुक्त प्रतिरोध (Combined Resistance) कम हो जाएगा।
• परिपथ का कुल प्रतिरोध कम होने से मुख्य धारा (Current) बढ़ जाएगी।
• चूँकि बल्ब A से मुख्य धारा गुजरती है, इसलिए A की चमक बढ़ जाएगी।
• लेकिन, C और B वाले हिस्से में वोल्टेज कम हो जाएगा क्योंकि A ने अधिक वोल्टेज ले लिया है, इसलिए C की चमक घट जाएगी।
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Q35. प्रेरित विद्युत वाहक बल का कारण होता है-
(The cause of induced emf is-)
फैराडे के नियम के अनुसार, जब भी किसी चालक (Conductor) से जुड़े चुम्बकीय फ्लक्स में समय के साथ परिवर्तन होता है, तो उसमें एक विद्युत वाहक बल (EMF) प्रेरित होता है।
केवल फ्लक्स होने से करंट नहीं बनेगा, बल्कि फ्लक्स का बदलना (Increase/Decrease) अनिवार्य है।
जहाँ $\frac{d\phi}{dt}$ चुम्बकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर को दर्शाता है।
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Q36. पेपर पर लगे एक छोटे स्याही के चिन्ह को 4 सेमी मोटे व 1.5 अपवर्तनांक वाले ग्लास के गुटके द्वारा देखा जाता है। चिन्ह ऊपर उठा प्रतीत होता है-
(A small ink dot on a paper is seen through a glass slab of thickness 4 cm and refractive index 1.5. The dot appears to be raised by-)
जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है, तो वस्तु अपनी वास्तविक गहराई से कुछ ऊपर उठी हुई दिखाई देती है। इस उठाव (Normal Shift) को निकालने का मानक सूत्र है:
Shift ($s$) = $t \times \left(1 - \frac{1}{\mu}\right)$
यहाँ हमारे पास है:
• ग्लास की मोटाई ($t$) = 4 सेमी
• अपवर्तनांक ($\mu$) = 1.5
गणना (Calculation):
$s = 4 \times \left(1 - \frac{1}{1.5}\right)$
$s = 4 \times \left(1 - \frac{10}{15}\right)$
$s = 4 \times \left(1 - \frac{2}{3}\right)$
$s = 4 \times \frac{1}{3} = \mathbf{1.333... \text{ सेमी}}$
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Q37. चुम्बकीय ध्रुव व चुम्बकीय भूमध्य रेखा पर नमन कोण का मान होता है-
(The value of angle of dip at magnetic poles and at magnetic equator are-)
नमन कोण (Angle of Dip): यह वह कोण है जो पृथ्वी का कुल चुम्बकीय क्षेत्र क्षैतिज (Horizontal) दिशा के साथ बनाता है।
• ध्रुवों पर (At Poles): चुम्बकीय सुई बिल्कुल लंबवत (Vertical) हो जाती है, इसलिए नमन कोण $90^\circ$ होता है।
• भूमध्य रेखा पर (At Equator): चुम्बकीय सुई क्षैतिज दिशा के समांतर रहती है, इसलिए नमन कोण $0^\circ$ होता है।
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Q38. निम्न में से कौन चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा सबसे कम प्रतिकर्षित होता है?
(Which of the following is weakly repelled by a magnetic field?)
पदार्थों को उनके चुम्बकीय व्यवहार के आधार पर तीन वर्गों में बांटा जाता है। प्रश्न में प्रतिकर्षण (Repulsion) की बात की गई है:
• प्रति-चुम्बकीय (Diamagnetic): ये वे पदार्थ हैं जो चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा कमजोर रूप से प्रतिकर्षित (Weakly Repelled) होते हैं। उदाहरण: कॉपर (तांबा), सोना, पानी, बिस्मथ।
• लोह-चुम्बकीय (Ferromagnetic): लोहा, कोबाल्ट और स्टील चुम्बक की ओर प्रबलता से आकर्षित होते हैं, प्रतिकर्षित नहीं।
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Q39. अवतल दर्पण में किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब बनता है-
(Image of an object in a concave mirror is-)
अवतल दर्पण (Concave Mirror) एक बहुत ही बहुमुखी (Versatile) दर्पण है। इसमें प्रतिबिंब की प्रकृति इस बात पर निर्भर करती है कि वस्तु कहाँ रखी गई है:
• यदि वस्तु ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच हो, तो प्रतिबिंब काल्पनिक (Virtual) और सीधा बनता है।
• यदि वस्तु फोकस (F) से परे (Beyond) हो, तो प्रतिबिंब वास्तविक (Real) और उल्टा बनता है।
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Q40. छ: समान प्रतिरोध को चित्रानुसार बिन्दुओं P, Q एवं R के मध्य जोडा गया है- नेट प्रतिरोध का मान अधिकतम किस के मध्य होगा-
(Six equal resistances are connected between points P, Q and R as shown in fig. Then the net resistance will be maximum between-)
सबसे पहले प्रत्येक भुजा (Arm) का तुल्य प्रतिरोध (Equivalent Resistance) निकालते हैं:
• भुजा P-Q: यहाँ केवल 1 प्रतिरोध है = $r$
• भुजा Q-R: यहाँ 2 प्रतिरोध समानांतर (Parallel) में हैं = $\frac{r \times r}{r+r} = \mathbf{\frac{r}{2}}$ (या $0.5r$)
• भुजा P-R: यहाँ 3 प्रतिरोध समानांतर में हैं = $\mathbf{\frac{r}{3}}$ (या $0.33r$)
नियम: किसी त्रिभुज नेटवर्क में, जिस भुजा का अपना प्रतिरोध सबसे अधिक होता है, उसी के बिन्दुओं के मध्य नेट प्रतिरोध भी अधिकतम होता है।
चूँकि $r$ सबसे बड़ा मान है ($r > 0.5r > 0.33r$), इसलिए P एवं Q के मध्य नेट प्रतिरोध अधिकतम होगा।
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Q41. निम्न कथनों के मध्य, सत्य कथन हैं-
(a) ऑक्सीकरण के साथ सदैव अवकरण होता है।
(b) ऑक्सीकारक में इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति होती है।
(c) $SO_2$ ऑक्सीकारक के साथ साथ अवकारक का कार्य करता है।
(d) फ्लोरीन एक प्रबल अवकारक है।
कथन (a) सही है: ऑक्सीकरण और अपचयन (अवकरण) हमेशा साथ-साथ होते हैं, जिसे 'रेडॉक्स अभिक्रिया' कहते हैं।
कथन (c) सही है: सल्फर डाइऑक्साइड ($SO_2$) में सल्फर की ऑक्सीकरण अवस्था $+4$ है, जो बढ़कर $+6$ या घटकर $0$ हो सकती है, इसलिए यह ऑक्सीकारक और अपचायक दोनों का काम करती है।
अन्य गलत क्यों हैं?
• (b) गलत है क्योंकि ऑक्सीकारक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं।
• (d) गलत है क्योंकि फ्लोरीन सबसे प्रबल ऑक्सीकारक है, अपचायक (अवकारक) नहीं।
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Q42. निम्न अभिक्रिया के मध्य, अनुत्क्रमणीय अभिक्रिया है-
(Among following reactions, the irreversible reaction is-)
अनुत्क्रमणीय अभिक्रिया (Irreversible Reaction): यह वह अभिक्रिया है जो केवल एक ही दिशा (अग्र दिशा) में होती है और इसमें उत्पाद वापस मिलकर अभिकारक नहीं बनाते।
• विकल्प (C) एक अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction) है, जहाँ $AgCl$ एक सफेद अवक्षेप (Precipitate) के रूप में अलग हो जाता है। ऐसी अभिक्रियाएं आमतौर पर एक ही दिशा में होती हैं।
• बाकी विकल्प (A, B, D) बंद पात्र में कराने पर उत्क्रमणीय (Reversible) हो सकते हैं।
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Q43. द्वितीय आवर्त में Li से F तक तदानुसार घटता है-
(From Li to F in second period, there would be a decrease in-)
जब हम आवर्त सारणी में बाएं से दाएं (Li से F तक) जाते हैं, तो परमाणु क्रमांक बढ़ता है, जिससे नाभिकीय आवेश (Nuclear Charge) बढ़ता है। यह नाभिक इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर अधिक मजबूती से खींचता है, जिससे परमाणु त्रिज्या (Atomic Radii) कम हो जाती है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं?
• परमाणु मात्रा हमेशा बढ़ती है।
• आयनीकरण एन्थैल्पी और विद्युत ऋणात्मकता भी बाएं से दाएं जाने पर बढ़ती हैं।
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Q44. निम्न में कौन आक्साइड उभयधर्मी हैं?
(Which of the following oxides are amphoteric?)
वे ऑक्साइड जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ क्रिया कर सकते हैं, उन्हें उभयधर्मी कहा जाता है।
• BeO और Al₂O₃ दोनों ही इस श्रेणी में आते हैं।
• MgO एक धात्विक ऑक्साइड है जो क्षारीय प्रकृति का होता है।
• CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) एक उदासीन (Neutral) ऑक्साइड है।
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Q45. निम्न समइलेक्ट्रॉनी स्पीशीज पर विचार कीजिये-
$K^+, S^{2-}, Cl^-, Ca^{2+}$
आयनिक त्रिज्या का घटता क्रम है-
समइलेक्ट्रॉनी (Isoelectronic) स्पीशीज: वे आयन या परमाणु होते हैं जिनमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है (यहाँ सभी में 18 इलेक्ट्रॉन हैं)।
नियम: समइलेक्ट्रॉनी स्पीशीज के लिए, जैसे-जैसे नाभिकीय आवेश (परमाणु क्रमांक) बढ़ता है, आयनिक त्रिज्या घटती है।
• ऋणायन (Negative charge) जितना अधिक होगा, त्रिज्या उतनी ही बड़ी होगी।
• धनायन (Positive charge) जितना अधिक होगा, त्रिज्या उतनी ही छोटी होगी।
$S^{2-}$ (Z=16) > $Cl^-$ (Z=17) > $K^+$ (Z=19) > $Ca^{2+}$ (Z=20)
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Q46. धोने के सोडा के सॉल्वे प्रक्रम में कौन से यौगिकों का प्रयोग होता है-
(The compounds used in Solvay's process of Washing Soda are-)
सॉल्वे प्रक्रम में सोडियम क्लोराइड (NaCl) मुख्य प्रारंभिक पदार्थ (Starting Material) है।
• यद्यपि इस प्रक्रिया में $NH_3$ और $CaCO_3$ का भी उपयोग होता है, लेकिन NaCl ही वह यौगिक है जो अंतिम उत्पाद ($Na_2CO_3$) को सोडियम प्रदान करता है।
• यह प्रक्रिया आर्थिक रूप से इसलिए सस्ती है क्योंकि इसमें $NaCl$ जैसे सस्ते कच्चे माल का उपयोग होता है और $NH_3$ को पुनः प्राप्त (Regenerate) कर लिया जाता है।
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Q47. सूची - I को सूची - II से सुमेलित कर निम्न कोड की सहायता से सही उत्तर चयनित कीजिए-
| सूची - I (यौगिक) | सूची - II (उदाहरण) |
|---|---|
| (a) अल्कोहल (Alcohol) | (I) प्रोपेनाल |
| (b) एल्डिहाइड (Aldehyde) | (II) ट्राईक्लोरो मिथेन |
| (c) कीटोन (Ketone) | (III) प्रोपेनॉल |
| (d) हेलोएल्केन (Haloalkane) | (IV) पेन्टीन |
| (e) एल्कीन (Alkene) | (V) ब्यूटेनॉन |
- (a) अल्कोहल (-OH): प्रोपेनॉल (III) - अंत में '-ऑल' आता है।
- (b) एल्डिहाइड (-CHO): प्रोपेनाल (I) - अंत में '-अल' आता है।
- (c) कीटोन (>C=O): ब्यूटेनॉन (V) - अंत में '-ओन' आता है।
- (d) हेलोएल्केन (-X): ट्राईक्लोरो मिथेन (II) - यहाँ क्लोरीन (हैलोजन) है।
- (e) एल्कीन (C=C): पेन्टीन (IV) - अंत में '-ईन' आता है।
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Q48. एक यौगिक का सूत्र $A_2 B_5$ है, A तथा B के संयोज्य कक्ष में क्रमशः इलेक्ट्रॉनों की संख्या है-
(The formula of a compound is $A_2 B_5$, the number of electrons in the valence orbits of A and B respectively are-)
रासायनिक सूत्र बनाने के नियम के अनुसार, तत्वों की संयोजकता (Valency) को तिरछा (Cross-over) करके लिखा जाता है।
यौगिक का सूत्र = $A_2 B_5$
इसका मतलब है:
• तत्व A की संयोजकता = 5
• तत्व B की संयोजकता = 2
संयोज्य कक्ष (Valence Shell) के इलेक्ट्रॉन:
• यदि संयोजकता 5 है, तो इसका मतलब है कि बाहरी कक्ष में 5 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं (जैसे नाइट्रोजन परिवार)।
• यदि संयोजकता 2 है, तो इसका मतलब है कि बाहरी कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन हैं (अष्टक पूरा करने के लिए 2 की कमी, जैसे ऑक्सीजन परिवार)।
अतः सही जोड़ा 5 एवं 6 है।
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Q49. निम्न में कौन एक संयोजन अभिक्रिया है-
(Which of the following is a combination reaction?)
संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction): यह वह अभिक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक (Reactants) मिलकर एक एकल उत्पाद (Single Product) बनाते हैं।
• विकल्प (B) में $MgO$ और $H_2O$ मिलकर केवल $Mg(OH)_2$ बना रहे हैं, इसलिए यह संयोजन अभिक्रिया है।
अन्य विकल्प:
• (A) वियोजन (Decomposition) अभिक्रिया है।
• (C) विस्थापन (Displacement) अभिक्रिया है।
• (D) उदासीनीकरण (Neutralization) या द्वि-विस्थापन अभिक्रिया है।
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Q50. प्रथम आयनीकरण एन्थैल्पी का सही बढ़ता क्रम है-
(Correct order of increasing first ionization enthalpy is-)
सामान्यतः आवर्त (Period) में बाएं से दाएं जाने पर आयनीकरण एन्थैल्पी (IE) बढ़ती है क्योंकि नाभिकीय आवेश बढ़ता है। लेकिन यहाँ दो अपवाद (Exceptions) हैं:
1. N (नाइट्रोजन) बनाम O (ऑक्सीजन): नाइट्रोजन का विन्यास $2p^3$ (Half-filled) है, जो बहुत स्थिर होता है। इसलिए N की IE, ऑक्सीजन से अधिक होती है।
2. Be (बेरिलियम) बनाम C (कार्बन): Be का विन्यास $2s^2$ (Fully-filled) है, लेकिन आवर्त में आगे बढ़ने पर कार्बन का नाभिकीय आवेश और छोटा आकार इसे Be से अधिक IE वाला बना देता है।
सही क्रम: Be ($900\text{ kJ/mol}$) < C ($1086$) < O ($1314$) < N ($1402$)
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Q51. सहसंयोजकता के लिये वांछित है-
(Covalency is favoured by-)
यह नियम बताता है कि एक आयनिक आबंध में सहसंयोजक लक्षण कब बढ़ेंगे:
1. धनायन का आकार छोटा होना चाहिए: छोटा धनायन ऋणायन के इलेक्ट्रॉन बादल को ज़्यादा खींचता है।
2. ऋणायन का आकार बड़ा होना चाहिए: बड़े ऋणायन के इलेक्ट्रॉनों को आसानी से विरूपित (Distort) किया जा सकता है।
3. उच्च आवेश (High Charge): धनायन या ऋणायन पर जितना अधिक आवेश होगा, ध्रुवण (Polarization) उतना ही अधिक होगा।
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Q52. धात्विक प्रकृति का सही घटनाक्रम है-
(The correct order of decreasing metallic character is-)
धात्विक प्रकृति (Metallic Character) का अर्थ है इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता। आवर्त सारणी के किसी भी आवर्त (Period) में बाएं से दाएं जाने पर:
1. नाभिकीय आवेश (Nuclear Charge) बढ़ता है: जिससे इलेक्ट्रॉन त्यागना कठिन हो जाता है।
2. अधात्विक गुण बढ़ता है: और धात्विक गुण घटता है।
तीसरे आवर्त में तत्वों का क्रम है: Na (धातु) > Mg (धातु) > Al (धातु) > Si (उपधातु) > Cl (अधातु)। अतः बाएं से दाएं जाने पर धात्विक गुण लगातार कम होता जाता है।
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Q53. 50 ml, 0.1 N HCl को 50 ml., 0.1 N KOH विलयन के साथ मिश्रित किया गया है, विलयन का pH होगा-
(50 ml of 0.1 N HCl is mixed with 50 ml of 0.1 N KOH solution, the pH of the solution will be-)
यहाँ हमारे पास दो चीज़ें हैं:
1. HCl (प्रबल अम्ल): मात्रा = 50ml, सांद्रता = 0.1N
2. KOH (प्रबल क्षार): मात्रा = 50ml, सांद्रता = 0.1N
चूँकि दोनों की मात्रा (Volume) और नॉर्मलता (Normality) बिल्कुल समान है, इसलिए वे एक-दूसरे को पूरी तरह से उदासीन (Neutralize) कर देंगे।
जब एक प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार आपस में मिलते हैं, तो बनने वाला विलयन उदासीन होता है, और उदासीन विलयन का pH मान हमेशा 7 होता है।
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Q54. पेरॉक्साइड में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या क्या होती है-
(The value of oxidation state of oxygen in peroxide is-)
आमतौर पर ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या -2 होती है, लेकिन 'पेरॉक्साइड' यौगिकों (जैसे $H_2O_2, Na_2O_2$) में यह नियम बदल जाता है।
पेरॉक्साइड में दो ऑक्सीजन परमाणु आपस में एक एकल आबंध ($O-O$) द्वारा जुड़े होते हैं। इस विशेष संरचना के कारण, प्रत्येक ऑक्सीजन परमाणु की ऑक्सीकरण संख्या -1 हो जाती है।
1. सामान्य ऑक्साइड: -2
2. पेरॉक्साइड ($O_2^{2-}$): -1
3. सुपरऑक्साइड ($O_2^{-}$): -1/2
4. $OF_2$ में: +2 (अपवाद)
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Q55. सोलर पैनल में सेलों को आपस में जोड़ने के लिए किस धातु का उपयोग किया जाता है-
(Which metal is used for inter connection of the cells in the solar panel?)
• सोलर सेल (Solar Cell) खुद सिलिकॉन (Silicon) जैसे अर्धचालक (Semiconductor) से बने होते हैं।
• लेकिन, कई सोलर सेलों को आपस में जोड़कर एक सोलर पैनल बनाने के लिए उनके बीच बिजली के प्रवाह को सुगम बनाने की ज़रूरत होती है।
• इसके लिए सिल्वर (चाँदी) का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह विद्युत का सबसे अच्छा सुचालक (Best Conductor) है, जो ऊर्जा की हानि को कम करता है।
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Q56. प्रोड्यूसर गैस निम्न में से किसका मिश्रण है-
(a) CO (b) CO₂
(c) NO₂ (d) N₂
प्रोड्यूसर गैस मुख्य रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और नाइट्रोजन (N₂) का मिश्रण है।
लेकिन औद्योगिक उत्पादन के दौरान, कोक के पूर्ण दहन न होने और कुछ अन्य रासायनिक अभिक्रियाओं के कारण इसमें कम मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) भी मौजूद रहती है। इसलिए पूर्ण संघटन के आधार पर विकल्प (D) सबसे सही है।
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Q57. प्राकृतिक ऑक्सीजन निम्न आइसोटोपों का मिश्रण होता है-
(a) $^{16}O$ (b) $^{17}O$ (c) $^{18}O$
(Natural oxygen is mixture of following isotopes.)
प्रकृति में ऑक्सीजन तीन स्थिर समस्थानिकों (Stable Isotopes) के मिश्रण के रूप में पाई जाती है:
1. $^{16}O$: यह सबसे अधिक प्रचुर (लगभग 99.76%) मात्रा में पाया जाता है।
2. $^{17}O$: यह बहुत ही कम (लगभग 0.04%) मात्रा में मिलता है।
3. $^{18}O$: यह लगभग 0.20% मात्रा में पाया जाता है।
अतः प्राकृतिक ऑक्सीजन इन तीनों का ही मिश्रण है।
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Q58. वह अयस्क जिससे लोहा एवं तांबा दोनों प्राप्त किया जा सकता है-
(The ore from which both iron and copper can be obtained-)
चालकोपायराइट (Chalcopyrite): इसका रासायनिक सूत्र $CuFeS_2$ होता है।
• जैसा कि सूत्र से स्पष्ट है, इसमें कॉपर (Cu) और लोहा (Fe) दोनों तत्व मौजूद होते हैं।
• यह तांबे (Copper) का सबसे प्रमुख अयस्क है। हालांकि इससे लोहा भी प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन व्यावसायिक रूप से इसे मुख्य रूप से तांबे के लिए ही उपयोग किया जाता है।
• क्यूप्राइट: $Cu_2O$ (केवल तांबा)
• चालकोसाइट: $Cu_2S$ (केवल तांबा)
• बोरनाइट: $Cu_5FeS_4$ (इसमें भी लोहा है, पर यह मुख्य अयस्क नहीं है)
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Q59. निम्न में से सहसंयोजक हाइड्राइड कौन है?
(a) H₂O (b) SiH₄
(c) NH₄⁺ (d) NaH
सहसंयोजक हाइड्राइड तब बनते हैं जब हाइड्रोजन अधातुओं के साथ आबंध बनाता है।
• H₂O और SiH₄: ये शुद्ध सहसंयोजक हाइड्राइड हैं क्योंकि ऑक्सीजन और सिलिकॉन दोनों अधातु/उपधातु हैं।
• NH₄⁺: इसमें नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के बीच सहसंयोजक आबंध होते हैं, इसलिए इसे भी इसी श्रेणी में रखा गया है।
• NaH: यह एक 'आयनिक' हाइड्राइड है क्योंकि सोडियम एक सक्रिय धातु है।
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Q60. कॉलम - I के मिश्र धातुओं को कॉलम - II के उनके घटकों से मिलाएँ-
| कॉलम - I (मिश्र धातु) | कॉलम - II (घटक) |
|---|---|
| (a) कांसा (Bronze) | (IV) Cu + Sn |
| (b) नाइक्रोम (Nichrome) | (III) Ni + Cr |
| (c) अलिनको (Alnico) | (I) Al + Ni + Co |
| (d) पीतल (Brass) | (II) Cu + Zn |
1. पीतल (Brass): याद रखें 'पि-ता-जी' (P-Ta-Ji) → पीतल = तांबा + जिंक ($Cu + Zn$)।
2. कांसा (Bronze): तांबा + टिन ($Cu + Sn$)।
3. नाइक्रोम: नाम में ही छिपा है → Ni (निकेल) + Cr (क्रोमियम)।
4. अलिनको (Alnico): Al (एल्युमिनियम) + Ni (निकेल) + Co (कोबाल्ट)।
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Q61. नीचे दी गई सूची में लौह अयस्क की पहचान करें-
(a) हेमाटाइट (b) लिमोनाइट
(c) सिडेराइट (d) रोडाइट
(Identify ores of iron in the list given below.)
लोहे के मुख्य अयस्क निम्नलिखित हैं:
• हेमाटाइट ($Fe_2O_3$): यह लोहे का सबसे महत्वपूर्ण और प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला अयस्क है।
• लिमोनाइट ($2Fe_2O_3 \cdot 3H_2O$): यह हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड है।
• सिडेराइट ($FeCO_3$): यह आयरन कार्बोनेट अयस्क है।
• मैग्नेटाइट ($Fe_3O_4$): यह भी एक प्रमुख लौह अयस्क है।
नोट: रोडाइट (Rhodite) लोहे का अयस्क नहीं है।
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Q62.
कथन (A): नाभिक विखंडन में बहुत ऊर्जा उत्सर्जित होती है।
कारण (R): नाभिक विखंडन में एक नाभिक टुकड़ों में टूट जाता है।
नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission): यह वह प्रक्रिया है जिसमें एक भारी नाभिक (जैसे यूरेनियम) दो हल्के नाभिकों में टूट जाता है।
• जब यह प्रक्रिया होती है, तो उत्पादों का कुल द्रव्यमान मूल नाभिक के द्रव्यमान से थोड़ा कम होता है।
• द्रव्यमान में यह कमी ($Δm$) आइंस्टीन के प्रसिद्ध समीकरण $E = mc^2$ के अनुसार विशाल मात्रा में ऊर्जा में बदल जाती है।
अतः कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण स्पष्ट रूप से कथन की व्याख्या करता है।
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Q63. रसोई गैस में मुख्य रूप से उपस्थित गैसों का नाम बताइये-
(a) मीथेन (b) प्रोपेन
(c) ब्यूटेन (d) प्रोपीन
(Name the gases mainly present in cooking gas.)
LPG (Liquefied Petroleum Gas): यह मुख्य रूप से दो हाइड्रोकार्बन गैसों का मिश्रण है:
• ब्यूटेन ($C_4H_{10}$): यह मुख्य घटक है (लगभग 60-70%)।
• प्रोपेन ($C_3H_8$): यह लगभग 30-40% मात्रा में होता है।
महत्वपूर्ण जानकारी: शुद्ध LPG गंधहीन होती है। इसमें रिसाव (Leakage) का पता लगाने के लिए 'इथाइल मरकैप्टन' (Ethyl Mercaptan) नामक दुर्गंधयुक्त रसायन मिलाया जाता है।
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Q63. रसोई गैस में मुख्य रूप से उपस्थित गैसों का नाम बताइये-
(a) मीथेन (b) प्रोपेन
(c) ब्यूटेन (d) प्रोपीन
(Name the gases mainly present in cooking gas.)
LPG (Liquefied Petroleum Gas): यह मुख्य रूप से दो हाइड्रोकार्बन गैसों का मिश्रण है:
• ब्यूटेन ($C_4H_{10}$): यह मुख्य घटक है (लगभग 60-70%)।
• प्रोपेन ($C_3H_8$): यह लगभग 30-40% मात्रा में होता है।
महत्वपूर्ण जानकारी: शुद्ध LPG गंधहीन होती है। इसमें रिसाव (Leakage) का पता लगाने के लिए 'इथाइल मरकैप्टन' (Ethyl Mercaptan) नामक दुर्गंधयुक्त रसायन मिलाया जाता है।
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Q64. दिये गये कोयले में कार्बन प्रतिशत का सही घटता क्रम है-
(a) एंथ्रासाइट (b) मेटा-एंथ्रासाइट (c) सेमी-एंथ्रासाइट
(The correct decreasing order of carbon percentage in given coal is-)
एंथ्रासाइट कोयला सबसे उच्चतम श्रेणी का कोयला होता है, लेकिन इसे भी कार्बन की मात्रा और कठोरता के आधार पर विभाजित किया जाता है:
1. मेटा-एंथ्रासाइट (Meta-anthracite): इसमें कार्बन की मात्रा सबसे अधिक (98% या उससे ज़्यादा) होती है।
2. एंथ्रासाइट (Anthracite): इसमें कार्बन की मात्रा लगभग 92% से 98% के बीच होती है।
3. सेमी-एंथ्रासाइट (Semi-anthracite): इसमें कार्बन की मात्रा लगभग 86% से 92% के बीच होती है।
अतः सही घटता क्रम मेटा-एंथ्रासाइट > एंथ्रासाइट > सेमी-एंथ्रासाइट यानी (b) > (a) > (c) है।
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Q65. पेट्रोलियम में अब तक प्राप्त सबसे बड़ा एल्केन है-
(The largest alkane ever found in petroleum is-)
पेट्रोलियम के रासायनिक विश्लेषण के दौरान, C₇₈ H₁₅₈ एक ऐसा उच्च-आणविक भार वाला एल्केन है जिसे सफलतापूर्वक पहचाना गया है।
• एल्केन का सामान्य सूत्र Cₙ H₂ₙ₊₂ होता है।
• C₇₈ के लिए हाइड्रोजन की संख्या (78 × 2) + 2 = 158 होगी।
• ये उच्च एल्केन भारी पेट्रोलियम अवशेषों जैसे डामर (Bitumen) और पैराफिन वैक्स में पाए जाते हैं।
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Q66. बायोगैस का मुख्य घटक कौन है?
(Which gas is the major component of biogas?)
बायोगैस (Biogas): यह जैविक कचरे (जैसे गोबर, कृषि अवशेष) के अवायवीय (Anaerobic) अपघटन से बनती है।
• इसका सबसे मुख्य घटक मिथेन ($CH_4$) है, जिसकी मात्रा लगभग 55% से 75% तक होती है।
• इसके अलावा इसमें कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) और थोड़ी मात्रा में हाइड्रोजन सल्फाइड एवं नमी होती है।
• मिथेन ही वह गैस है जिसके कारण बायोगैस एक बेहतरीन ईंधन का काम करती है।
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Q67. वायुमण्डल में कणिका (Particulates) उपस्थित होता है-
(Particulates are added to the atmosphere by-)
कणिका प्रदूषण (Particulate Matter): हवा में मौजूद ठोस या तरल सूक्ष्म कणों को कणिका कहा जाता है।
• विकल्प A, B और D तीनों ही ऐसी मानवीय गतिविधियाँ हैं जिनसे वायुमंडल में कणिकाएं (धूल, धुआं, कालिख) पहुँचती हैं।
• चूंकि तीन विकल्प सही हैं, इसलिए यह प्रश्न 'बहु-विकल्पीय' नियमों के विरुद्ध है और परीक्षा में इसे निरस्त (Cancelled) माना गया है।
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Q68. निम्न कथनों में असत्य कथन हैं-
(a) वर्षा जल का pH 1.2 है।
(b) प्रदूषण को रोकने के लिये रसायन-शास्त्र के उपयोग को ग्रीन केमिस्ट्री कहते है।
(c) सूक्ष्म जीव द्वारा अपशिष्टों के विघटन को नॉन-जैवक्षयी कहते है।
(d) वायुमण्डल के निम्नतम क्षेत्र ट्रोपोस्फीयर होता है।
(e) कीटनाशक मृदा प्रदूषण में वृद्धि करता है।
• कथन (a) असत्य है: सामान्य वर्षा जल का pH लगभग 5.6 होता है। यदि यह 5.6 से कम हो जाए, तो इसे 'अम्ल वर्षा' कहते हैं। pH 1.2 अत्यधिक अम्लीय है जो सामान्यतः नहीं होता।
• कथन (c) असत्य है: सूक्ष्म जीवों द्वारा विघटित होने वाले अपशिष्टों को जैवक्षयी (Biodegradable) कहते हैं, न कि नॉन-जैवक्षयी।
अन्य कथन सत्य हैं:
(b) ग्रीन केमिस्ट्री का उद्देश्य प्रदूषण मुक्त रसायन विज्ञान है।
(d) क्षोभमण्डल (Troposphere) वायुमंडल की सबसे निचली परत है।
(e) कीटनाशकों का अधिक प्रयोग मिट्टी की उर्वरता बिगाड़ता है।
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Q69. शुष्क वायुमण्डल में आयतनानुसार गैस जिसकी निम्नतम प्रतिशत है-
(Minimum percentage of the gas in dry atmosphere by volume is-)
शुष्क वायु में गैसों का प्रतिशत (आयतनानुसार) कुछ इस प्रकार है:
• नाइट्रोजन ($N_2$): लगभग 78.08% (सर्वाधिक)
• ऑक्सीजन ($O_2$): लगभग 20.95%
• आर्गन ($Ar$): लगभग 0.93%
• कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$): लगभग 0.036% - 0.04%
अतः दिए गए विकल्पों में से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा सबसे कम है।
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Q70. सूची - I को सूची - II से सुमेलित कर निम्न कोड की सहायता से सही उत्तर चयनित कीजिए-
| सूची - I | सूची - II |
|---|---|
| (a) शोर (Noise) | (V) भौतिक प्रदूषक |
| (b) प्लास्टिक (Plastic) | (IV) नॉन-जैवक्षयी |
| (c) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड | (I) प्राथमिक प्रदूषक |
| (d) फ्लोरोसिस (Fluorosis) | (II) अस्थि रोग |
| (e) PAN | (III) प्रकाश रासायनिक ऑक्सीकारक |
- (a)-(V): शोर एक 'ऊर्जा' का रूप है, इसलिए इसे भौतिक प्रदूषक माना जाता है।
- (b)-(IV): प्लास्टिक सूक्ष्म जीवों द्वारा विघटित नहीं होता, अतः यह नॉन-जैवक्षयी (Non-biodegradable) है।
- (c)-(I): $NO_2$ सीधे स्रोत से वायुमंडल में आती है, इसलिए यह प्राथमिक प्रदूषक है।
- (d)-(II): फ्लोरोसिस शरीर में फ्लोराइड की अधिकता से होता है, जो हड्डियों (Bones) और दांतों को नुकसान पहुँचाता है।
- (e)-(III): PAN (Peroxyacetyl Nitrate) प्रकाश रासायनिक धुंध (Smog) में बनने वाला एक ऑक्सीकारक है।
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Q71. गैसें जो अम्ल वर्षा के लिये उत्तरदायी हैं-
(The gases which are responsible for acid rain?)
अम्ल वर्षा तब होती है जब वायुमंडल में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड ($SO_2$) और नाइट्रोजन के ऑक्साइड ($NO_x$) वर्षा जल के साथ क्रिया करके सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल बनाते हैं।
• सल्फर के ऑक्साइड अम्ल वर्षा के लिए लगभग 60-70% जिम्मेदार होते हैं।
• ये मुख्य रूप से कोयले के दहन और बिजली संयंत्रों (Power Plants) से उत्सर्जित होते हैं।
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Q72. ग्रीन हाउस फैक्टर (Global Warming Potential) का सही क्रम है-
(Correct order of green house factor is-)
यहाँ "फैक्टर" का मतलब Global Warming Potential (GWP) से है, यानी कौन सी गैस कितनी अधिक गर्मी सोखती है।
• CF₂Cl₂ (CFCs): क्लोरोफ्लोरोकार्बन की गर्मी सोखने की शक्ति सबसे अधिक होती है।
• CO₂: यह ग्लोबल वार्मिंग के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार है क्योंकि इसकी मात्रा बहुत अधिक है, लेकिन इसकी शक्ति (Factor) सबसे कम है।
अतः सही शक्ति क्रम है: CFCs > O₃ > N₂O > CO₂
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Q73. बायोस्फीयर (जीवमण्डल) में होता है-
(Biosphere includes -)
बायोस्फीयर (Biosphere): पृथ्वी का वह संकीर्ण क्षेत्र जहाँ जीवन पाया जाता है, उसे जीवमण्डल कहते हैं। जीवन के अस्तित्व के लिए जल, वायु और स्थल तीनों की आवश्यकता होती है।
अतः जीवमण्डल में निम्नलिखित तीनों मण्डल शामिल हैं:
• हाइड्रोस्फीयर (जलमण्डल): पृथ्वी पर मौजूद सारा जल।
• लिथोस्फीयर (स्थलमण्डल): पृथ्वी की ऊपरी ठोस परत।
• वायुमण्डल (Atmosphere): पृथ्वी के चारों ओर गैसों का घेरा।
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Q74. हाइड्रोस्फीयर (जलमण्डल) में ताजे जल की प्रतिशतता है-
(Percentage of freshwater in the hydrosphere is-)
पृथ्वी का लगभग 71% हिस्सा जल से ढका है, जिसे जलमण्डल कहते हैं। लेकिन इस जल का वितरण बहुत असमान है:
• खारा जल (Saltwater): लगभग 97.5% जल महासागरों में है जो खारा है।
• ताजा जल (Freshwater): केवल लगभग 2.5% जल ही मीठा या ताजा है।
इस 2.5% ताजे जल का भी अधिकांश हिस्सा ग्लेशियरों और बर्फ की चोटियों के रूप में जमा हुआ है। केवल 1% से भी कम पानी मानव उपयोग के लिए आसानी से उपलब्ध है।
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Q75. ओजोन-छिद्र का परिणाम होता है-
(The result of ozone-hole is-)
ओजोन परत (Ozone Layer): यह वायुमंडल के समताप मण्डल (Stratosphere) में पाई जाती है और सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को सोख लेती है।
• ओजोन परत में "छिद्र" (क्षरण) होने के कारण ये पराबैंगनी विकिरण (UV-B rays) सीधे पृथ्वी की सतह तक पहुँचने लगते हैं।
• इसके खतरे: इससे त्वचा का कैंसर (Skin cancer), मोतियाबिंद (Cataract), और पौधों की वृद्धि में रुकावट जैसी समस्याएँ होती हैं।
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