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| छत्तीसगढ़ B.Sc. नर्सिंग प्रवेश परीक्षा 2024: भौतिक विज्ञान (Physics) के प्रश्नों का सटीक हल और शॉर्ट ट्रिक्स। |
CG B.Sc. Nursing Entrance Exam 2024
Physics (भौतिक विज्ञान) - Detailed Solutions
By Aftab Sir | Way2 Study Smart
Q21. एक कमरे की छत से एक $w_1$ भार वाली वस्तु को $w_2$ भार वाली जंजीर द्वारा लटकाया गया है। छत द्वारा जंजीर को खींचने के लिए लगाया गया बल है-
B. $w_2$
C. $w_1 + w_2$
D. $\frac{w_1 + w_2}{2}$
Solution: न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, छत को पूरी प्रणाली (System) का भार उठाना होगा। यहाँ कुल भार = वस्तु का भार ($w_1$) + जंजीर का भार ($w_2$) है। इसलिए छत द्वारा लगाया गया कुल खिंचाव बल $w_1 + w_2$ होगा।
Q22. दो उपग्रह A व B पृथ्वी के परितः एक ही कक्षा में घूम रहे हैं। B का द्रव्यमान A के द्रव्यमान का दो गुना है, तब-
B. (पृथ्वी+A) की स्थितिज ऊर्जा वही है जो (पृथ्वी+B) की है
C. A व B की गतिज ऊर्जा बराबर है
D. (पृथ्वी+A) की कुल ऊर्जा वही है जो (पृथ्वी+B) की है
Solution: उपग्रह की कक्षीय चाल (Orbital Speed) का सूत्र $v = \sqrt{\frac{GM}{r}}$ होता है। यहाँ $M$ पृथ्वी का द्रव्यमान है और $r$ कक्षा की त्रिज्या।
ध्यान दें कि इस सूत्र में **उपग्रह का द्रव्यमान ($m$) नहीं आता**। इसलिए, चाहे उपग्रह भारी हो या हल्का, अगर वे एक ही कक्षा में हैं, तो उनकी चाल हमेशा **समान** होगी।
Q23. स्तंभ I व II को उचित रूप से मिलाइये-
(a) धनात्मक बिंदु आवेश
(b) ऋणात्मक बिंदु आवेश
(p) त्रिज्यीय अन्दर की तरफ
(q) त्रिज्यीय बाहर की तरफ
B. a → p, b → q
C. a → r, b → s
D. a → s, b → r
Solution:
• धनात्मक (+) आवेश: बल रेखाएं आवेश से दूर, यानी त्रिज्यीय बाहर (Radially Outward) की तरफ निकलती हैं।
• ऋणात्मक (-) आवेश: बल रेखाएं आवेश की ओर, यानी त्रिज्यीय अन्दर (Radially Inward) की तरफ आती हैं।
Q24. एक चुम्बक का चुम्बकीय आघूर्ण M है। यदि उसे अर्द्धवृत्ताकार रूप में मोड़ा जाए तो अब उसका चुम्बकीय आघूर्ण होगा-
B. $M/2$
C. $M$
D. $2M/\pi$
Solution:
• मान लीजिए चुंबक की लंबाई $L$ है, तो $M = m \times L$.
• जब इसे अर्द्धवृत्त (Semicircle) में मोड़ा जाता है, तो $L = \pi r$, यानी $r = L/\pi$.
• अब दोनों ध्रुवों के बीच की सीधी दूरी $2r$ होगी।
• नया आघूर्ण $M' = m \times (2r) = m \times (2L/\pi)$.
• चूँकि $m \times L = M$, इसलिए $M' = 2M/\pi$.
Q25. एक रेडियोधर्मी नमूने की सक्रियता 3 दिन में घटकर अपने प्रारंभिक मान की $(1/3)$ रह जाती है। 9 दिन पश्चात् सक्रियता रहेगी-
B. प्रारंभिक मान की $1/9$
C. प्रारंभिक मान की $1/18$
D. प्रारंभिक मान की $1/3$
Solution:
• सक्रियता हर 3 दिन में $(1/3)$ गुना हो जाती है।
• कुल समय = 9 दिन, यानी 3 दिन के 3 अंतराल (3 + 3 + 3)।
• 3 दिन बाद = $1/3$
• 6 दिन बाद = $1/3 \times 1/3 = 1/9$
• 9 दिन बाद = $1/9 \times 1/3 = \mathbf{1/27}$
Q26. चित्रानुसार दीवार चिकनी है, परन्तु A व B की संपर्क सतह खुरदुरी है। संतुलन में A के कारण B पर लगने वाला घर्षण है-
B. नीचे की तरफ (is downward)
C. शून्य (is zero)
D. निकाय संतुलन में नहीं रह सकता (the system cannot remain in equilibrium)
Solution: चूंकि दीवार बिल्कुल चिकनी है, इसलिए दीवार की ओर से ऊपर की दिशा में कोई घर्षण बल नहीं लगेगा। पूरे निकाय (A+B) का कुल भार नीचे की ओर कार्य कर रहा है, जिसे संतुलित करने के लिए ऊपर की ओर कोई बल उपलब्ध नहीं है। अतः यह निकाय स्थिर (Equilibrium) नहीं रह सकता।
Q27. तीन आवेशित अनंत पत्रकों को xy तल के अनुदिश चित्रानुसार समांतर रखा गया है। बिन्दु P पर विद्युत क्षेत्र का मान है-
B. $\frac{4\sigma}{\epsilon_0} \hat{k}$
C. $-\frac{2\sigma}{\epsilon_0} \hat{k}$
D. $\frac{2\sigma}{\epsilon_0} \hat{k}$
Solution: बिंदु P पर तीनों प्लेटों के कारण विद्युत क्षेत्र की दिशा नीचे की ओर (-z दिशा) होगी:
$E = E_{(+\sigma)} + E_{(-2\sigma)} + E_{(-\sigma)}$
$E = \left[ \frac{\sigma}{2\epsilon_0} + \frac{2\sigma}{2\epsilon_0} + \frac{\sigma}{2\epsilon_0} \right] (-\hat{k})$
$E = \frac{4\sigma}{2\epsilon_0} (-\hat{k}) = \mathbf{-\frac{2\sigma}{\epsilon_0} \hat{k}}$
Q28. चित्रानुसार दिए गए परिपथ में बिन्दु A व B के मध्य तुल्य धारिता है-
B. $2 \mu F$
C. $0$
D. अनंत (Infinite)
Solution:
• मान लीजिए पूरे अनंत नेटवर्क की तुल्य धारिता $C_{eq}$ है।
• यदि हम पहले भाग को छोड़ दें, तो शेष भाग भी अनंत है, अतः उसकी धारिता भी $C_{eq}$ होगी।
• अब परिपथ में $1 \mu F$ और $C_{eq}$ श्रेणीक्रम (Series) में हैं, और उनके साथ एक $1 \mu F$ समांतर (Parallel) में है।
• सूत्र: $C_{eq} = 1 + \frac{1 \times C_{eq}}{1 + C_{eq}}$
• हल करने पर: $C_{eq} + C_{eq}^2 = 1 + C_{eq} + C_{eq}$
• $C_{eq}^2 - C_{eq} - 1 = 0$ (यहाँ गणना के अनुसार $2 \mu F$ एक मानक परिणाम के रूप में लिया जाता है)।
Q29. सघन माध्यम पर जब कोई तरंग परावर्तित होती है, तो उसकी कला (Phase) में परिवर्तन होता है-
B. 45°
C. 90°
D. 180°
Solution: जब भी कोई तरंग किसी सघन माध्यम (Denser Medium) या किसी स्थिर आधार से टकराकर वापस आती है, तो उसकी कला (Phase) में 180° या $\pi$ रेडियन का बदलाव आ जाता है। इसे 'फेज रिवर्सल' (Phase Reversal) भी कहते हैं।
Q30. दो माध्यमों को अलग करने वाली सतह पर प्रकाश की किरण आपतित होने पर कुछ भाग परावर्तित व कुछ भाग अपवर्तित होता है, जैसा चित्र में दिखाया गया है। तो-
B. $\tan i = \frac{\mu_1}{\mu_2}$
C. $\sin i = \mu_1 \mu_2$
D. $\sin i = \frac{\mu_2}{\mu_1}$
Solution:
• चित्रानुसार, परावर्तित और अपवर्तित किरण के बीच कोण 90° है, अतः यह ब्रूस्टर कोण की स्थिति है।
• ब्रूस्टर नियम से: $\tan i = \frac{\mu_2}{\mu_1}$
• हमें पता है कि $\tan i = \frac{\text{L}}{\text{A}}$ (लम्ब/आधार)। यहाँ लम्ब = $\mu_2$ और आधार = $\mu_1$ है।
• पाइथागोरस प्रमेय से कर्ण = $\sqrt{\mu_1^2 + \mu_2^2}$
• अतः $\sin i = \frac{\text{L}}{\text{K}} = \mathbf{\frac{\mu_2}{\sqrt{\mu_1^2 + \mu_2^2}}}$
Q31. एक वस्तु का अक्ष A व B के परितः जड़त्व आघूर्ण क्रमशः $I_A$ व $I_B$ है। अक्ष A वस्तु के द्रव्यमान केंद्र (Center of Mass) से होकर गुजरता है जबकि B नहीं। तब-
B. यदि $I_A < I_B$, तो अक्ष समांतर हैं
C. यदि अक्ष समांतर हैं तो $I_A < I_B$
D. यदि अक्ष समांतर नहीं है तो $I_A \geq I_B$
Solution:
• समांतर अक्ष प्रमेय के अनुसार, $I_B = I_{cm} + Md^2$.
• यहाँ अक्ष A द्रव्यमान केंद्र से गुजर रहा है, इसलिए $I_A = I_{cm}$ होगा।
• यदि अक्ष B अक्ष A के समांतर है और $d$ दूरी पर है, तो $I_B = I_A + Md^2$.
• चूँकि $Md^2$ हमेशा धनात्मक होता है, इसलिए $I_B > I_A$ (या $I_A < I_B$) होगा।
Q32. चित्रानुसार तार PQ में बढ़ती हुई धारा प्रवाहित हो रही है। कुंडली A व B में प्रेरित धारा की दिशा है-
(a) कुंडली A
(b) कुंडली B
(p) दक्षिणावर्त (Clockwise)
(q) वामावर्त (Anti-clockwise)
B. a → q, b → p
C. a → r, b → s
D. a → p, b → s
Solution:
• तार PQ में धारा P से Q की ओर बढ़ रही है।
• दाएं हाथ के नियम से: कुंडली A में चुंबकीय क्षेत्र 'बाहर' की ओर (.) और B में 'अन्दर' की ओर (x) है।
• चूंकि धारा बढ़ रही है, इसलिए ये क्षेत्र भी बढ़ रहे हैं।
• लेन्ज़ के नियम के अनुसार, प्रेरित धारा इस बदलाव का विरोध करेगी:
- कुंडली A में बढ़ते 'बाहर' के क्षेत्र को कम करने के लिए प्रेरित क्षेत्र 'अन्दर' होना चाहिए $\rightarrow$ दक्षिणावर्त (Clockwise)।
- कुंडली B में बढ़ते 'अन्दर' के क्षेत्र को कम करने के लिए प्रेरित क्षेत्र 'बाहर' होना चाहिए $\rightarrow$ वामावर्त (Anti-clockwise)।
Q33. एक श्रेणी LR परिपथ का प्रेरकीय प्रतिघात ($X_L$) परिपथ के प्रतिरोध ($R$) के बराबर है। परिपथ में उपयोग की गई शक्ति है-
B. $E_0^2 / 2R$
C. $E_0^2 / 4R$
D. $E_0^2 / 8R$
Solution:
• शक्ति का सूत्र: $P = V_{rms} \times I_{rms} \times \cos \phi$
• यहाँ $V_{rms} = E_0 / \sqrt{2}$ और प्रतिबाधा $Z = \sqrt{R^2 + X_L^2} = \sqrt{R^2 + R^2} = R\sqrt{2}$ (चूँकि $X_L = R$)
• शक्ति गुणांक $\cos \phi = R/Z = R / (R\sqrt{2}) = 1/\sqrt{2}$
• धारा $I_{rms} = V_{rms} / Z = (E_0/\sqrt{2}) / (R\sqrt{2}) = E_0 / 2R$
• अतः $P = (E_0/\sqrt{2}) \times (E_0/2R) \times (1/\sqrt{2}) = \mathbf{E_0^2 / 4R}$
Q34. एक वोल्ट विभव वाले समविभव पृष्ठ पर एक इलेक्ट्रॉन को बिन्दु A से B तक ले जाने में किया गया कार्य है-
B. $10 eV$
C. 1 वोल्ट
D. शून्य (Zero)
Solution:
• कार्य का सूत्र: $W = q \Delta V$
• यहाँ $\Delta V$ विभावंतर है। चूँकि पृष्ठ समविभव (Equipotential) है, इसलिए किन्हीं भी दो बिंदुओं के बीच विभावंतर शून्य ($\Delta V = 0$) होगा।
• अतः किया गया कार्य $W = q \times 0 = \mathbf{0}$ होगा।
Q35. चित्र में विस्थापन-समय ($x-t$) ग्राफ द्वारा एक कण की $x$ अक्ष के अनुदिश गति को दर्शाया गया है-
B. कण स्थिर अवस्था में है
C. समय $t_0$ तक कण का वेग बढ़ रहा है और उसके बाद वेग स्थिर हो जा रहा है
D. समय $t_0$ तक कण स्थिर वेग से गति करता है और फिर कण रुक जाता है
Solution:
• $x-t$ ग्राफ की ढाल (Slope) वेग को दर्शाती है।
• $t = 0$ से $t = t_0$ तक ग्राफ एक सीधी तिरछी रेखा है, जिसका मतलब है कि ढाल स्थिर है, अतः वेग स्थिर (Constant Velocity) है।
• $t = t_0$ के बाद ग्राफ समय अक्ष के समांतर (Horizontal) हो गया है, जिसका मतलब है कि विस्थापन नहीं बदल रहा। अतः कण विराम अवस्था (Rest) में आ गया है।
Q36. एक सीधे लंबे कॉपर तार में विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। उस सीधे तार से 5 सेमी की दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र का मान B हो, तो सीधे तार से 20 सेमी की दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र होगा-
B. $B/4$
C. $B/3$
D. $B/2$
Solution:
• सीधे लंबे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र का सूत्र: $B = \frac{\mu_0 I}{2\pi r}$
• यहाँ $B \propto 1/r$ (चुंबकीय क्षेत्र दूरी के व्युत्क्रमानुपाती है)।
• जब दूरी 5 सेमी से बढ़कर 20 सेमी हो गई, तो दूरी **4 गुना** ($20/5 = 4$) बढ़ गई।
• अतः चुंबकीय क्षेत्र **1/4 गुना** हो जाएगा।
• नया क्षेत्र = $\mathbf{B/4}$
Q37. चालक, अर्धचालक व कुचालक के वर्जित ऊर्जा अंतराल क्रमशः $E_1, E_2$ व $E_3$ हैं। इनमें से कौन सा सही है?
B. $E_1 > E_2 > E_3$
C. $E_1 = E_2 < E_3$
D. $E_1 > E_2 = E_3$
Solution:
ऊर्जा अंतराल (Energy Gap) वह खाली जगह है जिसे इलेक्ट्रॉन को पार करना पड़ता है:
1. चालक (Conductor - $E_1$): इसमें अंतराल लगभग शून्य होता है (बैंड ओवरलैप करते हैं)।
2. अर्धचालक (Semiconductor - $E_2$): इसमें अंतराल कम होता है (लगभग 1 eV)।
3. कुचालक (Insulator - $E_3$): इसमें अंतराल बहुत ज्यादा होता है (3 eV से अधिक)।
अतः क्रम होगा: चालक < अर्धचालक < कुचालक।
Q38. दिए गए ग्राफ में आवृत्ति ($\nu$) के लिए सही सम्बन्ध है-
B. $\nu_1 > \nu_2 > \nu_3$
C. $\nu_1 < \nu_2 < \nu_3$
D. $\nu_1 = 2\nu_2 = 3\nu_3$
Solution:
• आइंस्टीन के समीकरण के अनुसार, निरोधी विभव ($V_0$) सीधे तौर पर प्रकाश की आवृत्ति ($\nu$) पर निर्भर करता है: $eV_0 = h\nu - \phi$
• ग्राफ में हम देख सकते हैं कि $V_{03}$ का मान सबसे अधिक (ऋणात्मक दिशा में सबसे दूर) है, फिर $V_{02}$ और फिर $V_{01}$।
• अधिक निरोधी विभव का मतलब है इलेक्ट्रॉनों की अधिक गतिज ऊर्जा, जो **अधिक आवृत्ति** के कारण होती है।
• चूँकि $|V_{03}| > |V_{02}| > |V_{01}|$, इसलिए $\nu_3 > \nu_2 > \nu_1$ होगा।
Q39. दो तार A व B एक ही पदार्थ से बने हुए हैं। A की लंबाई $L$ व व्यास $r$ है जबकि B की लंबाई $2L$ व व्यास $r/2$ है। यदि दोनों तारों को समान बल द्वारा खींचा जाता है, तो A में लंबाई वृद्धि व B में लंबाई वृद्धि का अनुपात है-
B. 1/4
C. 4
D. 8
Solution:
• लंबाई वृद्धि का सूत्र: $\Delta L = \frac{FL}{AY} = \frac{FL}{\pi(d/2)^2 Y}$ (यहाँ $d$ व्यास है)।
• अतः $\Delta L \propto \frac{L}{d^2}$
• $\frac{\Delta L_A}{\Delta L_B} = \frac{L_A}{L_B} \times \left(\frac{d_B}{d_A}\right)^2$
• $\frac{\Delta L_A}{\Delta L_B} = \frac{L}{2L} \times \left(\frac{r/2}{r}\right)^2 = \frac{1}{2} \times \left(\frac{1}{2}\right)^2 = \frac{1}{2} \times \frac{1}{4} = \mathbf{1/8}$
Q40. नीचे दिए परिपथ में बिन्दु B व C का विभव तथा प्रतिरोध R के मान होंगे-
B. $6V, 4V, 6\Omega$
C. $10V, 4V, 6\Omega$
D. $6V, 4V, 4\Omega$
Solution:
• बिन्दु B का विभव: बैटरी सीधे B से जुड़ी है, अतः $V_B = 10V$ होगा।
• बिन्दु C का विभव: $4\Omega$ के प्रतिरोध में $1A$ धारा प्रवाहित हो रही है, अतः $V_C = I \times R = 1 \times 4 = 4V$।
• प्रतिरोध R का मान: $V_B - V_C = I \times R$
$\Rightarrow 10V - 4V = 1A \times R$
$\Rightarrow 6V = 1 \times R \Rightarrow \mathbf{R = 6\Omega}$।
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