Aftab Sir का Special Message
📢 FUTURE ENGINEERS, इसे बिलकुल मिस मत करना!
👋 प्यारे बच्चों, नमस्कार!
CG PET कोई मामूली एग्जाम नहीं है। यह छत्तीसगढ़ के सबसे बेहतरीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में कदम रखने और आपके सपनों को सच करने का सबसे बड़ा जरिया है। मैंने इस पूरे आर्टिकल को और सभी कॉलेज डेटा को बहुत मेहनत से तैयार किया है, ताकि काउंसलिंग के समय कोई भी आपको गुमराह न कर सके।
- आधा ज्ञान खतरनाक होता है! इसलिए सिलेबस, कटऑफ और काउंसलिंग के हर एक स्टेप को बारीकी से समझें।
- फीस देखकर डरो मत! छत्तीसगढ़ सरकार की OBC, SC और ST स्कॉलरशिप योजनाओं को पूरा पढ़ें। आपकी पढ़ाई का खर्च आसान हो सकता है।
- ब्रांच का चुनाव खुद करो! सिर्फ दोस्तों या ट्रेंड के पीछे मत भागो, अपनी रुचि (CS, IT, Mechanical, Civil आदि) के अनुसार ही आगे बढ़ो।
🎯 नीचे दी गई हर एक स्लाइड और इंफॉर्मेशन को बहुत ध्यान से पढ़ें और अपने पास नोट करके रख लें। यह जानकारी आपके पूरे करियर का फैसला करेगी!
Best Wishes From
आफताब सर (Aftab Sir)
FOUNDER, WAY2 STUDY SMART 🎓
![]() |
| CG PET की संपूर्ण जानकारी एक ही जगह – पात्रता, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस, कटऑफ, रिजल्ट, दावा-आपत्ति, काउंसलिंग प्रक्रिया, कॉलेज सूची, ब्रांच एवं सीट विवरण। |
CG PET
क्या है?
CG PET (Chhattisgarh Pre-Engineering Test)
छत्तीसगढ़ राज्य की एक राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा है, जो छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam / CGPEB) द्वारा आयोजित की जाती है।
🎯 उद्देश्य
इसके जरिए छत्तीसगढ़ के सरकारी और प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में B.Tech / B.E., एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग और डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्सेज में एडमिशन मिलता है।
किस कोर्स में प्रवेश मिलता है?
- ⚙️ B.Tech / B.E. इंजीनियरिंग
- 🌱 एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग
- 🥛 डेयरी टेक्नोलॉजी
💡 महत्व
- ✓ राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
- ✓ CG Vyapam द्वारा आयोजित
- ✓ सरकारी और प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवश्यक
- ✓ रैंक के आधार पर काउंसलिंग के माध्यम से सीट आवंटन
एग्जाम कब होता है और
एलिजिबिलिटी क्या है?
समय
योग्यता
डोमिसाइल
🔔 नोट
एलिजिबिलिटी से जुड़ी सभी जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार ही मान्य होगी। समय-समय पर बदलाव संभव है।
📋 परीक्षा की तैयारी
कैसे करें?
सिलेबस
पैटर्न
सिलेबस और पैटर्न को अच्छी तरह समझकर नियमित अभ्यास (Daily Practice) करें। यही सफलता की कुंजी है! 🎯
CG PET परीक्षा पैटर्न
और मार्क्स
कुल मार्क्स
सब्जेक्ट्स
और मैथ्स (50 प्रश्न)।
नेगेटिव मार्किंग
CG PET परीक्षा के बाद
का प्रोसेस
(आंसर की और रिजल्ट)मॉडल आंसर की
दावा-आपत्ति
(Objection)
फाइनल रिजल्ट
दावा-आपत्ति (Objection) क्या है?
जब व्यापम ‘मॉडल आंसर की’ निकालता है, तो कई बार उसमें एकाध सवाल का जवाब गलत दिया होता है।
अगर आपको पूरा भरोसा है कि आपका जवाब सही था और व्यापम ने गलत आंसर लिया है, तो आप सबूत (Proof) के साथ इसके खिलाफ व्यापम को ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। इसे ही ‘दावा-आपत्ति’ कहते हैं।
अगर आपको लगता है कि किसी सवाल के सही जवाब के बावजूद नमूने (Model Answer) में गलत जवाब दिया गया है, तो आप आपत्ति दर्ज करके उसे सही करवा सकते हैं और अपने सही मार्क्स वापस पा सकते हैं।
दावा-आपत्ति कैसे करें?
व्यापम की वेबसाइट पर लॉगिन
- सबसे पहले CG Vyapam की वेबसाइट पर जाना है।
- वहाँ अपनी 'Candidate Profile' में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करना है जिससे एग्जाम का फॉर्म भरा था।
Claim / Objection सेक्शन में जाना
- लॉगिन करते ही आपके डैशबोर्ड पर 'Claim / Objection' (दावा-आपत्ति) का एक बटन दिखेगा, उस पर क्लिक करना है।
डिटेल और सही आंसर चुनना
- वहाँ आपको अपने एग्जाम का नाम (CG PET), अपने पेपर का सेट (A, B, C या D) और उस प्रश्न का नंबर (Question Number) डालना होगा जिस पर आपको आपत्ति है।
- इसके बाद आपको यह सेलेक्ट करना होगा कि आपके हिसाब से सही आंसर क्या होना चाहिए।
प्रमाण (Proof/Evidence) अपलोड करना
- यह दावा-आपत्ति का सबसे मेन स्टेप है। आपको यह बताना होता है कि आप किस आधार पर उस उत्तर को गलत बोल रहे हैं।
- इसके लिए आपको किताब के उस पन्ने की फोटो खींचकर PDF बनाकर अपलोड करनी होती है, जहाँ सही जवाब लिखा है।
⚠️ नियम (Rules)
नियम 1: प्रामाणिक (Authentic) किताब ही चलेगी
- केवल NCERT, छत्तीसगढ़ बोर्ड या किसी मान्यता प्राप्त प्रकाशक की पुस्तक का ही प्रमाण दें।
- Google, Wikipedia, Handwritten Notes या Coaching Notes आमतौर पर स्वीकार नहीं किए जाते। ❌
नियम 2: PDF में पूरी जानकारी होनी चाहिए
- PDF में किताब का नाम, लेखक (Author), Edition/Year और Page Number स्पष्ट दिखाई देना चाहिए।
- धुंधली या अधूरी PDF रिजेक्ट हो सकती है।
नियम 3: समय सीमा का ध्यान रखें
- मॉडल आंसर जारी होने के बाद दावा-आपत्ति के लिए सीमित समय मिलता है।
- इसलिए मॉडल आंसर आते ही अपने उत्तरों की जांच करें और समय रहते आपत्ति दर्ज करें। ✔️
व्यापम हर कोई प्रूफ नहीं मानता, इसलिए अपनी तैयारी और प्रमाण सही रखें ताकि आपकी आपत्ति स्वीकार हो सके।
6. काउंसलिंग प्रोसेस (एडमिशन की प्रक्रिया)
ऑनलाइन
रजिस्ट्रेशन
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और लॉगिन क्रिएट:
- रिजल्ट आने के बाद CG DTE (Directorate of Technical Education) की वेबसाइट पर कैंडिडेट्स को लॉगिन क्रिएट करना होता है।
- वहीं पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड सेट की जाती है।
डॉक्यूमेंट
वेरिफिकेशन
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DVC):
- ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद, पास के किसी सरकारी वेरिफिकेशन सेंटर (DVC) में जाकर खुद ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स चेक करने होते हैं।
सीट
अलॉटमेंट
सीट अलॉटमेंट:
- वेरिफिकेशन के बाद रैंक के आधार पर ऑनलाइन लिस्ट आती है जिसमें पता चलता है कि कौन सा कॉलेज और ब्रांच मिली है।
काउंसिलिंग के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
एक्सपेक्टेड कटऑफ और सेफ स्कोर (150 में से)
छत्तीसगढ़ के टॉप सरकारी कॉलेज
छत्तीसगढ़ के टॉप प्राइवेट कॉलेज
इंजीनियरिंग की प्रमुख और लेटेस्ट ब्रांचेस
Branches:
- 🔹 Computer Science (CS), Information Technology (IT), Artificial Intelligence & Machine Learning (AI & ML), Data Science, Cyber Security.
- 👉 (ये प्राइवेट सेक्टर, मल्टीनेशनल कंपनियों और हाई सैलरी पैकेज के लिए सबसे बेस्ट हैं।)
Branches:
- 🔹 Civil, Mechanical, Electrical, Electronics (ETC), Mining.
- 🏛️ (ये रेलवे, SSC, व्यापम और PWD जैसी पक्की सरकारी नौकरियों के लिए सदाबहार ब्रांचेस हैं।)
टॉप सरकारी कॉलेज (Government Colleges)
और उनकी ब्रांचेस
📍 यहाँ मुख्य रूप से 5 कोर और टेक ब्रांचेस की पढ़ाई होती है:
- ✓ Computer Science Engineering (CSE)
- ✓ Civil Engineering
- ✓ Mechanical Engineering
- ✓ Electrical Engineering
- ✓ Electronics & Telecommunication (ETC)
टॉप सरकारी कॉलेज (Government Colleges)
और उनकी ब्रांचेस
📍 यहाँ टोटल 7 ब्रांचेस हैं:
- ✓ Computer Science Engineering (CSE)
- ✓ Information Technology (IT)
- ✓ Mining Engineering
- ✓ Civil Engineering
- ✓ Mechanical Engineering
- ✓ Electrical Engineering
- ✓ Electronics & Telecommunication (ETC)
टॉप सरकारी कॉलेज (Government Colleges)
और उनकी ब्रांचेस
📍 यहाँ टोटल 6 ब्रांचेस उपलब्ध हैं:
- ✓ Information Technology (IT)
- ✓ Mining Engineering
- ✓ Civil Engineering
- ✓ Mechanical Engineering
- ✓ Electrical Engineering
- ✓ Electronics & Telecommunication (ETC)
टॉप सरकारी कॉलेज (Government Colleges)
और उनकी ब्रांचेस
📍 कोरबा में मुख्य रूप से 4 ब्रांचेस उपलब्ध हैं:
- ✓ Computer Science Engineering (CSE)
- ✓ Civil Engineering
- ✓ Mechanical Engineering
- ✓ Electrical Engineering
टॉप प्राइवेट कॉलेज (Private Colleges)
और उनकी ब्रांचेस
Latest:
टॉप प्राइवेट कॉलेज (Private Colleges)
और उनकी ब्रांचेस
Specialization:
टॉप प्राइवेट कॉलेज (Private Colleges)
और उनकी ब्रांचेस
Latest:
Core:
लड़कों और लड़कियों के लिए ब्रांच का चुनाव
• लड़कियों का जनरल ट्रेंड:
लड़कियां आमतौर पर CS, IT, AI, और Electronics (ETC) ज्यादा चुनती हैं क्योंकि इसमें ऑफिस जॉब, सेफ वर्किंग एनवायरनमेंट और कॉर्पोरेट ग्रोथ के मौके बेहतरीन होते हैं।
• लड़कों का जनरल ट्रेंड:
टेक ब्रांचेस के अलावा लड़के Civil, Mechanical और Mining में भी भारी संख्या में जाते हैं, जहाँ साईट विजिट, मशीनरी और ग्राउंड लेवल की सरकारी नौकरियां होती हैं।
• अंतिम निष्कर्ष:
ब्रांच हमेशा अपनी रुचि (इंटरेस्ट) के हिसाब से चुननी चाहिए, जेंडर के हिसाब से नहीं।
इंजीनियरिंग की प्रमुख ब्रांचेस
• क्या होता है:
इसमें कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर बनाना, कोडिंग करना (C++, Java, Python), मोबाइल ऐप्स (जैसे WhatsApp, Instagram) और वेबसाइट्स बनाना सिखाया जाता है। कंप्यूटर कैसे काम करता है और डेटा कैसे स्टोर होता है, ये सब इसमें आता है।
• काम का तरीका:
पूरी तरह से ऑफ़िस और कंप्यूटर के सामने बैठकर करने वाला काम (Desk Job)।
• कहां जॉब मिलती है:
TCS, Infosys, Google, Microsoft जैसी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर या डेवलपर के तौर पर।
इंजीनियरिंग की प्रमुख ब्रांचेस
• क्या होता है:
यह कंप्यूटर साइंस का ही एक एडवांस रूप है। इसमें कंप्यूटर और मशीनों को इंसानों की तरह सोचना, समझना और खुद से निर्णय लेना सिखाया जाता है। जैसे ChatGPT, रोबोटिक्स और सेल्फ-ड्राइविंग कारें।
• क्या काम करना होता है:
मशीनों के लिए स्मार्ट एल्गोरिदम बनाना, डेटा को एनालाइज करना और ऐसे मॉडल तैयार करना जो खुद-ब-खुद सीखते और सुधरते रहें।
• फ्यूचर स्कोप:
यह वर्तमान और भविष्य की सबसे डिमांडिंग ब्रांच है। आने वाले समय में टेक इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा नौकरियां और हाई सैलरी पैकेजेस इसी फील्ड में मिलने वाले हैं।
इंजीनियरिंग की प्रमुख ब्रांचेस
• क्या होता है:
आज इंटरनेट पर करोड़ों लोगों का डेटा मौजूद है। उस बिखरे हुए डेटा को कंप्यूटर और मैथ्स की मदद से एनालाइज करके कंपनियों के फायदे की जानकारी इंसाईट निकालना इसमें सिखाया जाता है।
• काम का तरीका:
डेटाबेस और स्टैटिस्टिक्स (Statistics) पर काम करना।
• कहां जॉब मिलती है:
बैंक, ई-कॉमर्स (Amazon/Flipkart), और मार्केटिंग कंपनियों में डेटा एनालिस्ट के तौर पर।
इंजीनियरिंग की प्रमुख ब्रांचेस
• क्या होता है:
हैकर्स से इंटरनेट, वेबसाइट्स, कंप्यूटर और लोगों के बैंक खातों को सुरक्षित रखना। इसमें बच्चों को 'एथिकल हैकिंग' (अच्छे काम के लिए हैकिंग) सिखाई जाती है ताकि वे सिस्टम की कमियों को ढूंढकर उन्हें ठीक कर सकें।
• काम का तरीका:
कंपनियों के सर्वर और नेटवर्क की सिक्योरिटी टेस्ट करना और उन्हें सुरक्षित बनाना।
• कहां जॉब मिलती है:
सरकारी रक्षा एजेंसियों, पुलिस के साइबर सेल, बैंक और आईटी कंपनियों में।
इंजीनियरिंग की प्रमुख ब्रांचेस
• क्या होता है:
बिल्डिंग, पुल, नेशनल हाईवे, रेलवे ट्रैक और डैम (बांध) का डिजाइन बनाना और उनका कंस्ट्रक्शन (निर्माण) करवाना। इसमें मिट्टी, सीमेंट, कंक्रीट और स्ट्रक्चर की मजबूती के बारे में पढ़ाया जाता है।
• काम का तरीका:
इसमें डिजाइनिंग के साथ-साथ साइट पर जाकर (फील्ड वर्क) काम करवाना होता है।
• कहां जॉब मिलती है:
PWD (लोक निर्माण विभाग), रेलवे, नगर निगम, और बड़ी रियल एस्टेट या कंस्ट्रक्शन कंपनियों (जैसे L&T) में।
इंजीनियरिंग की प्रमुख ब्रांचेस
• क्या होता है:
हर तरह की मशीनों का डिज़ाइन बनाना और उन्हें चलाना। चाहे वह बाइक और कार का इंजन हो, हवाई जहाज हो, या फैक्ट्री में लगी बड़ी-बड़ी मशीनें। इसमें मशीनों के पार्ट्स, गति (मोशन) और ऊर्जा के बारे में पढ़ाया जाता है।
• काम का तरीका:
मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, वर्कशॉप और डिज़ाइनिंग सॉफ्टवेयर (AutoCAD) पर काम।
• कहाँ जॉब मिलती है:
ऑटोमोबाइल कंपनियां (Tata, Mahindra, Maruti), रेलवे (लोको पायलट/जूनियर इंजीनियर), और स्टील प्लांट में।
इंजीनियरिंग की प्रमुख ब्रांचेस
• क्या होता है:
हर तरह की मशीनों का डिज़ाइन बनाना और उन्हें चलाना। चाहे वह बाइक और कार का इंजन हो, हवाई जहाज हो, या फैक्ट्री में लगी बड़ी-बड़ी मशीनें। इसमें मशीनों के पार्ट्स, गति (मोशन) और ऊर्जा के बारे में पढ़ाया जाता है।
• काम का तरीका:
मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, वर्कशॉप और डिज़ाइनिंग सॉफ्टवेयर (AutoCAD) पर काम।
• कहाँ जॉब मिलती है:
ऑटोमोबाइल कंपनियां (Tata, Mahindra, Maruti), रेलवे (लोको पायलट/जूनियर इंजीनियर), और स्टील प्लांट में।
इंजीनियरिंग की प्रमुख ब्रांचेस
• क्या होता है:
इसमें कम वोल्टेज वाली चीजों यानी छोटे इलेक्ट्रॉनिक सर्किट्स (जैसे मोबाइल का मदरबोर्ड, कंप्यूटर चिप) और संचार (Communication) यानी मोबाईल नेटवर्क, सैटेलाइट और टीवी सिग्नल कैसे काम करते हैं, यह पढ़ाया जाता है।
• काम का तरीका:
सर्किट डिजाइनिंग और टेलीकॉम टावर/सिग्नल की कोडिंग।
• कहाँ जॉब मिलती है:
Jio, Airtel जैसी टेलीकॉम कंपनियों में, मोबाइल बनाने वाली कंपनियों में और आईटी सेक्टर में भी।
इंजीनियरिंग की प्रमुख ब्रांचेस
• क्या होता है:
जमीन के नीचे या पहाड़ों से कोयला, लोहा, सोना, और अन्य खनिज (Minerals) सुरक्षित और सही तरीके से निकालने की तकनीक इसमें सिखाई जाती है। ब्लास्टिंग कैसे करनी है और खदान के अंदर हवा/सुरक्षा का ध्यान रखना है, ये सब इसमें आता है।
• काम का तरीका:
पूरी तरह से खदानों (Mines) में साइट पर काम करना होता है। यह थोड़ा रिस्की और मेहनत वाला काम है।
• कहाँ जॉब मिलती है:
छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में इसकी बहुत डिमांड है। कोल इंडिया (SECL), NMDC, और बालको (BALCO) जैसी कंपनियों में इसमें बहुत अच्छी सैलरी वाली सरकारी और प्राइवेट नौकरी मिलती है।
इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस
फीस
कुल फीस
जानकारी
इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस
फीस
कुल फीस
जानकारी
इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस
कॉलेजों में
🔹 खाने (मेस) का खर्च: हर महीने अलग से लगभग ₹2,500 से ₹3,000 के बीच आता है।
कॉलेजों में
इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस
कैटेगरी
कैटेगरी
ऐसे ही एजुकेशनल वीडियो और बेहतरीन जानकारी के लिए हमारे चैनल को
Like,
Share और
Subscribe करें!



No comments:
Post a Comment